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मावठ से जिले के किसानों के चेहरे खिले, ठंडक बढ़ी

7 वर्ष पहले
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शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शनिवार को मावठे की पहली बारिश हुई। बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे वहीं मौसम में ठंडक बढ़ गई। शहर में शनिवार को सुबह पूरे दिन आसमान में बादल और धुंध छाई रही।

दिन में शीतलहर का सिलसिला जारी रहा। सुबह से बूंदाबांदी का दौर चला तो दोपहर में करीब साढ़े बारह बजे कुछ मिनट के लिए झमाझम बारिश हो गई। दिनभर लोगों को सूर्य के दर्शन दुर्लभ रहे। शाम को शीतलहर का प्रकोप शुरू हाे गया। रात में फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। बारिश के कारण शहर में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रम भी प्रभावित हुए। कोर्ट परिसर में आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत पर भी बारिश का असर दिखा। यहां लोगों के प्रकरणों को निपटाने के लिए विभिन्न विभागों, कंपनियों के पंडाल लगाए गए थे।

जहां बारिश का पानी टपकने से अधिकारियों, कर्मचारियों सहित सभी को परेशानी हुई। किल्लाई नाका पर आयोजित होने वाले भूमिपूजन शिलान्यास कार्यक्रम में भी बारिश के कारण परेशानी हुई। शिलान्यास करने आए वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया को छाता लगाकर अपने वाहन तक पहुंचना पड़ा। स्टेडियम मैदान में आयोजित खेल प्रतियोगिता में भी बच्चों को बारिश के बीच खेलना पड़ा। किसानों का कहना है कि यह मावठ खरीफ की फसलों के लिए अमृत के समान है। खजरी के किसान भूपत सिंह, बांदकपुर निवासी घनश्याम प्रसाद, मुड़िया के बलराम पटेल, जोरतला के दिनेश आदि ने बताया कि मावठ से सूखी पड़ी जमीन में नमी आएगी और अच्छी फसल होगी। कृषि विभाग के अधिकारी भी बारिश से फसलों को फायदे की बात कह रहे हैं।

अलाव की मांग बढ़ी

ठंड बढ़ने के कारण गर्म कपड़ों की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ लगने लगी है। सर्दी बढ़ने से सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों को स्कूल जाने में हो रही है। बच्चों को सर्दी में स्कूल जाना पड़ रहा है। शनिवार को छोटे-छोटे बच्चे ठंड से ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। वहीं शहर में ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही लोग अलाव जलाने की मांग करने लगे हैं। शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल चौक सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों, चौराहों पर लोगों ने अलाव जलाने की मांग की है। शहर के संतोष चक्रवर्ती ने बताया कि जिला अस्पताल में जिलेभर से मरीज आते हैं उनके साथ आने वाले परिजनों को शाम से लेकर सुबह तक ठंड से परेशान होना पड़ता है। उनके लिए बाहर कहीं भी ठंड से बचने का