क्रोध में आदमी कमजोर हो जाता है : जनसंत
क्रोध संसारी प्राणी की सबसे बडी़ समस्या है। ये समस्या एक आदमी की नहीं है बल्कि हर आदमी की है। क्रोध जाति-पति को देखकर नहीं आता। वह अमीर गरीब नहीं देखता, छोटे बडे़ को नहीं देखता, ज्ञानी मूर्ख को नहीं देखता, क्रोध सबको आता है। क्रोध पक्षपात नहीं करता। क्रोध हर आदमी की समस्या हैै। क्रोध का जब जोर आता है, तो आदमी कमजोर हो जाता है।
जब आदमी का विरोध होता है। तब ही क्रोध आता है। यह बात सागर नाका स्थित सदगुवां जैन मंदिर में विराजमान जनसंत विरंजन सागर जी महाराज ने भक्तों को प्रवचन देते हुए कही। उन्होंने आगे कहा कि क्रोध का आवेग आए तो संयम का ब्रेक होना चाहिए। जिस प्रकार गाडी़ जब ढलान पर हो तो ड्राइवर का पैर ब्रेक पर होना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर जिंदगी के साथ दुर्घटना हो सकती है। इसी प्रकार क्रोध ढलान में चलने वाली गाडी़ है। इसलिए क्रोध की गाडी़ पर संयम का ब्रेक आवश्यक है। यदि सांप डसता है तो एक पर्याय नष्ट होती है। परंतु क्रोध जीवन की पर्याय को नष्ट कर देता है। क्रोध का जन्म मूर्खता से होता है, तथा अंत पश्चाताप से होता है। वहीं क्षुल्लक विशौम्य सागर जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति को पूरे जीवन में अनुशासन से नहीं प्रेम के रास्ते पर चलना चाहिए। अनुशासन से व्यक्ति आकर्षित भले ही हो, लेकिन मधुर व्यवहार से व्यक्ति का आकर्षित होना पक्का है। हजार बूंद नीबू का रस भी एक भी चींटी को अपनी ओर आकर्षित नहीं करता। लेकिन एक बूंद शहद हजारों चीटियों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखता है। मनुष्य को अनुशासन की अपेक्षा प्रेम पूर्वक जीवन व्यतीत करना चाहिए। जिसमें उसका हित छिपा हुआ है। इस दौरान बडी़ संख्या में भक्तों की मौजूदगी रही।
मुनि दीक्षा दिवस पर होंगे विविध आयोजन : नगर के सागर नाका स्थित सदगुंवा जैन मंदिर में रविवार को आचार्य विराग सागर जी महाराज का 32 वां मुनि दीक्षा दिवस समारोह मनाया जाएगा। सुबह से मंदिर जी में श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया जाएगा। वहीं दोपहर में 1 बजे विराग सागर जी महाराज का पूजन होगा। जिसके बाद दो बजे से शास्त्र भेंट, पाद प्रक्षालन एवं विशेष प्रवचन होंगे। शाम 7 बजे से महाआरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। आयोजकों ने कार्यक्रम में उपस्थित होने अपील की है।