800 किमी की साइकिल यात्रा तय करके दमोह पहुंचे जवान
दिल्ली से प्रारंभ की थी साइकिल यात्रा, कोर आॅफ सिग्नल के 105 साल पूरे होने पर पूरे देश में निकाली जा रही है साइकिल साइकिल
अार्मी की कोर ऑफ सिग्नल विंग के 105 साल पूरे होने पर सेना के जवानों का जत्था 1 हजार किमी साइकिल यात्रा पर निकला है।
गुरुवार को दिल्ली, मथुरा, ग्वालियर और सागर होते हुए जत्था दमोह पहुंचा। जत्थे में दो मेजर, दो जूनियर अफसर और 20 जवान शामिल हैं। जाे निरंतर साइकिल चलाते हैं। इस बीच वे युवाओं को भर्ती के लिए प्रेरित करते और स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत का नारा देते हुए निकलते हैं।गुरुवार को जत्था सागर के बांसा के स्थित ओजस्विनी कॉलेज पहुंचा। जहां पर युवाओं और युवतियों को आर्मी ज्वाइन करने के लिए प्रेरित किया।
मेजर डिसूजा ने बताया कि साइकिल रैली दिल्ली में इंडिया गेट से प्रारंभ हुई थी, जो मथुरा से होते हुए सागर से दमोह पहुंची है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा जबलपुर में संपन्न होनी है। उन्हाेंने बताया कि यात्रा के दौरान रास्ते में पड़ने वाले गांवों में युवाओं को भारतीय सेना के बारे में जानकारी दी जाती है। इस बीच युवक और युवतियों को भी सेना में जाने के लिए प्रेरित किया जाता है। यात्रा में महिला कैप्टन तमन्ना भसीन ने बताया आमतौर पर लड़कियों सेना में जाने से डरती हैं। उनके मन में तरह-तरह के सवाल होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। सेना में युवतियां भी शामिल हो सकती हैं। बता दें कि वर्ष 2015-16 को कोर आॅफ सिग्नल की ओर से तीन चरणों में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें जिसमें सेवा के 105 पूर्व होने, 15 वां कोर यूनियन और आर्मी हेडक्वार्टर के 50 साल पूर्ण होने पर जागरुकता रैली निकाली जा रही है। दिल्ली से प्रारंभ होने वाली इस रैली में दो ऑफिसर, दो जूनियर कमीशंड ऑफिसर और 20 जवान शामिल हैं। जवान गांवों में कैंप करते हैं और सेना के तौर-तरीके व सिग्नल कोर के बारे में लोगों बताते हैं।
मैराथन दौड़ का खिलाड़ी भी शामिल
सेना की साइकिल रैली में जवान मोहम्मद आमिर खां भी शामिल है। आमिर इंटरनेशनल मैराथन दौड़ में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में सिंगापुर और नेपाल में होने वाली इंटरनेशनल मैराथन दौड़ में उन्होंने महत्ती भूमिका निभाई थी। जिसके बाद उन्हें आर्मी में ज्वाइन करने का मौका मिला।
यात्रा
1. आर्मी अफसर तमन्ना भसीन साइकिल यात्रा में शामिल हैं। 2. साइकिल चलाकर आते आर्मी के जवान।