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नापतौल अधिकारी ने कार्यालय की सुरक्षा के लिए पाले कुत्ते; खाने को रोज देते हैं मीट

5 वर्ष पहले
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कुर्सी खाली है, चौकीदार बोला - पता नहीं
तीन माह में कोई भी बड़ी कार्रवाई का ब्यौरा नहीं है

दमोह में पदस्थ हैं पर पन्ना में ज्यादा रहते हैं अधिकारी

भास्कर संवाददाता | दमोह

यदि आप अपने साथ हो रही ठगी की शिकायत करने के लिए नापतौल विभाग के कार्यालय में शिकायत करने जा रहे हैं तो संभलकर जाएगा, कहीं ऐसा न हो आप कार्यालय के अंदर प्रवेश करें और कुत्ते आप को काट लें, क्योंकि यहां पर कार्यालय की सुरक्षा के लिए कुत्ते पलवाए गए हैं और उन्हें हर दिन मीट भी परोसा जा रहा है। भास्कर टीम ने सोमवार को सुबह 11 बजे कार्यालय का जायजा लिया। इस बीच न तो नापतौल अधिकारी मिले, न ही क्लर्क। कार्यालय के गेट पर चाैकीदार मिला। जो कुत्तों के लिए मीट डलवा रहा था।

कार्यालय में नापताैल विभाग के अधिकारी और क्लर्क तो मिलते नहीं हैं। केवल चौकीदार मिलता है, यदि चौकीदार भी चला जाता है तो यहां की सुरक्षा की जिम्मेदारी कुत्ताें पर आ जाती है।

दमोह। कार्यालय के गेट पर कुत्तों को बीट खिलाता व्यक्ति।

कार्यालय की सुरक्षा के लिए बकायदा पाले तीन कुत्ते
यहां पर कार्यालय की सुरक्षा के लिए बकायदा तीन कुत्ते पाले गए हैं और इन कुत्तों के लिए हर दिन मीट भी उपलब्ध कराया जाता है। पूरे मामले में चौकाने वाली बात यह है कि उपभोक्ताओं से जुड़े इस विभाग में शिकायत लेने के लिए कोई भी कर्मचारी नहीं रहता है। नापतौल अधिकारी के पास पन्ना का भी चार्ज है। पिछले तीन माह में ऐसी कोई बड़ी कार्रवाई भी नहीं की गई है। जबकि शहर के अंदर हर दिन उपभोक्ता कम तौलने वालों से ठगी का शिकार हो रहे हैं।

सुबह 11 बजे कार्यालय में न तो नापतौल अधिकारी आरएस दहायत पहुंचे थे और न ही क्लर्क मुल्ली सिंह गौड़। कार्यालय के गेट पर केवल चौकीदार जय सिंह गौड़ मिले। उनके कहने पर गेट के बाजू में एक व्यक्ति कुत्तों को मीट परोस रहा था। पूछने पर उसने बताया कि यह कुत्तेे यहां पर रखवाली के लिए पाले गए हैं। यहां पर चोरियां हो रहीं थीं, इसलिए कुत्तों को पाला गया है। चौकीदार से अधिकारी दहायत के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि साहब अभी नहीं आए हैं, आने वाले हैं, लेकिन 12 बजे तक कार्यालय में कोई नहीं आया था। चौकीदार ने यह भी बताया कि क्लर्क के बेटे की तबियत खराब है, इसलिए नहीं आए, लेकिन जब क्लर्क से छुट्‌टी के बारे में जानकारी मांगी तो उसने कहा कि जब आएंगे, तभी बात हो पाएगी।

1. कार्यालय की हालात बेहद खराब है। यहां पर शिकायत करने के लिए न तो कोई रजिस्टर रखा है और न ही कोई लेटर बाक्स था। आम उपभोक्ता यदि यहां पर शिकायत करने आता है तो उसे कोई जानकारी भी नहीं मिलती है।

2. उल्टा कुत्ते पले होने से लोगों को यहां पर आने में डर भी लगता है। यहां पर बता दें कि नापताैल अधिकारी आरएस दहायत पन्ना में भी चार्ज में हैं, वे दमोह और पन्ना दोनों का काम देखते हैं। लेकिन यह किसी को पता नहीं होता है कि पन्ना में हैं या दमोह में।

3. कर्मचारियों को भी कोई जानकारी नहीं होती है और न ही कोई सूचना होती है। ऐसे में जो भी उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंचते हैं उन्हें कोई मिलता ही नहीं है।

Á अभी आप कहां पर हैं?

- मैं पन्ना के अजयगढ़ में आया हूं,

Á कार्यालय के इंचार्ज भी आप ही हैं?

- मैं दमोह में ही पदस्थ हूं, एक साल से पन्ना का भी चार्ज है।

Á दमोह कार्यालय की देखरेख के लिए आपने कुत्ते पलवाए हैं क्या?

- नहीं, वहां पर चौकीदार है, कुत्ता आ गए होंगे, पाले नहीं हैं,

Á कार्यालय में न आप मिलते हैं न क्लर्क, शिकायत पेटी भी नहीं लगी है?

- मैं समय नहीं दे पाता हूं, मैं अभी क्लर्क से बात करता हूं

Á पिछले तीन माह में कितनी कार्रवाई हुई हैं, आप बताएंगे?

- मेरे पास अभी जानकारी नहीं हैं, मिलूंगा तो दे दूंगा

भास्कर लाइव
आरएस दहायत, नापतौल अधिकारी

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