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11 करोड़ के भवन पर ताला; लोकार्पण करवाकर भूल गए मंत्री और अफसर

4 वर्ष पहले
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वित्तमंत्री खुद पहुंचे थे मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर का लोकापर्ण करने

भास्कर संवाददाता| दमोह

जिला अस्पताल परिसर में सीएमएचओ कार्यालय के सामने लगभग 11 करोड़ की लागत से तैयार कराए मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर (एमसीएच)भवन में लोकार्पण के चार माह बाद भी ताला लगा है। इसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं चालू कराई जानी है। लेकिन लोकार्पण के चार माह बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उधर करोड़ों की लागत से निर्मित इस भवन को क्षति पहुंचाई जाने लगी है।

भवन के मुख्य द्वार पर लगा कांच का गेट क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे यहां चोरी की आशंका भी बढ़ गई है। खासबात यह है कि 17 फरवरी को प्रदेश के वित्तमंत्री जयंत कुमार मलैया के मुख्य आतिथ्य में एमसीएच भवन का लोकार्पण किया गया था। लेकिन चार माह बाद जब 23 जून को वित्तमंत्री श्री मलैया जिला अस्पताल के दौरे पर पहुंचे तो उन्हें सिविल सर्जन ने एमसीएच भवन की ओर जाने से पहले ही रोक लिया। उन्हें बताया गया कि बजट की कमी के कारण एमसीएच भवन चालू नहीं हो पा रहा है।

करोड़ों खर्च करके एमसीएच भवन तो खड़ा कर दिया गया है लेकिन यहां मरीजों को शिफ्ट कराने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। खासबात यह है कि इस नवनिर्मित भवन में मरीजों को भर्ती कराने के लिए पंलग गद्दे भी अब तक नहीं आए हैं। इसके अलावा इलाज के लिए जरूरी उपकरण भी अब तक नहीं खरीदे गए हैं। उधर एमसीएच भवन में महिला और बच्चा वार्ड शिफ्ट नहीं कराए जाने से पुराने भवन में वार्डों में पलंग न होने से मरीजों के लिए जमीन पर लिटाकर इलाज दिया जा रहा है। सर्जीकल वार्ड के बाजू से शिफ्ट कराए गए प्रसूता वार्ड में शुक्रवार को प्रसूता जमीन पर लेटी थी और अपने साथ जमीन पर ही नवजात को लिटाए थी। एेसे में बच्चे को संक्रमण का खतरा बना हुआ है। वार्ड में लोग गंदे पैर जूते चप्पल में गंदगी आदि लेकर अंदर पहुंचे हैं और गेट के बाजू से ही महिला नवजात के साथ लेटी है।

बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है
एमसीएच भवन में विद्युत कनेक्शन नहीं हुआ है। पोल तो खड़े हो गए हैं लेकिन मीटर नहीं लगा है। बजट न होने के कारण खरीदी भी नहीं हुई है अभी पलंग और गद्दे आना है। अन्य उपकरणों की भी जरूरत है लेकिन बजट का अभाव है। इस संबंध में वित्तमंत्री से चर्चा हुई है देखते हैं क्या करते हैं। मीटर लगते ही मेटरनिटी विंग तो जल्द चालू करा देंगे। - डॉ. बीआर अग्रवाल सिविल सर्जन

दमोह| अधिकारी सामग्री व उपकरणों की खरीदी के लिए बजट न होने का रोना रो रहे हैं, उधर नवनिर्मित भवन के दरबाजे खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं

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