आचार्यश्री अतिशय क्षेत्र कोनीजी पाटन पहुंचे
मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम प्रस्तुत किए
मुवांर झरौली सिद्धधाम में होगा रुद्रमहायज्ञ आज से
भास्कर संवाददाता| तेंदूखेड़ा
रविवार को आचार्यश्री विद्यासागर महाराज का संसघ अतिशय सिद्ध क्षेत्र कोनीजी पाटन की ओर बिहार हो गया है। नगर की जैन सहित अन्य समाज के लोगों ने भीगी आंखों से विदाई की। कुछ महिलाएं एवं पुरूष ग्राम नरगुवां तक आचार्यश्री को छोड़ने गए। कई लोग 27 मील तथा कोनीजी तक छोड़ने गए थे। दरअसल आचार्यश्री बीते एक पखवाड़े से अधिक समय से नगर में विराजमान हैं। जिससे पूरे नगर में सुबह से शाम तक भक्तिमय माहौल बना हुआ था। प्रतिदिन बाहर सैकड़ों लोगों का आना जाना लगा रहता था।
जिससे नगर में मेले जैसा माहौल बना रहता था। लेकिन आचार्यश्री का संसघ बिहार होते ही नगर सूना हो गया है। जहां देखो वहां पर शांत माहौल दिखाई दे रहा था। रविवार को जबलपुर दमोह, सागर, देवरी, कटनी सहित अनेक शहरों से सैकड़ांे की संख्या मे लोग आचार्यश्री दर्शन तथा प्रवचन सुनने आ गए थे। प्रवचनों की तैयारियां भी पूर्ण कर ली गई थीं। लेकिन अचानक सम्यक के बाद आचार्यश्री बिहार कर गए। प्रवचन पंडाल में बैठे लोगों को आचार्यश्री के बिहार की जैसे ही सूचना लगी, सभी लोग पंडाल से भागकर भगवान शांतिनाथ मंदिर पहंुचे। लेकिन जब तक आचार्यश्री लगभग एक किमी दूर निकल चुके थे। शाम करीब 6 बजे आचार्यश्री अतिशय क्षेत्र कोनीजी पहंुच गए थे। रविवार को अनिल नायक, अक्षय नायक, मन्नू नायक के परिवार को आचार्य श्री को आहर देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
गौरतलब है कि बीते माह तारादेही में आयोजित पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव आचार्यश्री के सानिध्य में आयोजित किया गया था। उसके बाद आचार्यश्री ससंघ तेंदूखेड़ा नगर में विराजमान थे। जिससे करीब 20 दिनों से पूरे नगर में धर्ममय माहौल बना हुआ था।
बनवार। बसंत पंचमी के अवसर पर जगह-जगह मां सरस्वती का पूजन किया गया। इस दौरान सरस्वती शिशु मंदिर बम्होरी में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मां वीणापाणी के पूजन के साथ सामूहिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस दौरान बच्चों ने इतनी शक्ति हमें देना माता मन का विश्वास कमजोर ना हो प्रार्थना की। संस्था के प्रधानाचार्य लखन यादव ने बसंत पंचमी पर्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती विद्या की देवी हैं। जिसके कंठ में मां सरस्वती का वास हो जाता है वह काफी उन्नति करता है। बच्चों को चाहिए कि वह पढ़ाई प्रारंभ करने के पहले एक बार अवश्य मां सरस्वती का मन ही मन ध्यान करें। इससे पढ़ने में एकाग्रता आने के साथ कठिन से कठिन विषय वस्तु जल्द समझ में आ जाती है। कार्यक्रम के बाद बच्चों को मिष्ठान वितरित किया गया।
बनवार। सिद्धधाम मुआंर झरोली में आज से रूद्रमहायज्ञ का शुरू होगा।
नगर से कोनीजी के लिए विहार करते आचार्यश्री विद्यासागर महाराज। महिलाएं एवं पुरूष ग्राम नरगुवां तक आचार्यश्री को छोड़ने गए।