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नहरों में पंद्रह दिन बाद आएगा पानी, कई नहरें क्षतिग्रस्त

7 वर्ष पहले
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किसानोंके लिए रवि फसल की बोवनी सुविधाजनक बनाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा आगामी 15 अक्टूबर से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। लेकिन अभी नहरों के संधारण के लिए सिंचाई विभाग ने कोई प्रयास नहीं किए हैं, जिससे कई ग्रामों के किसानों को परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 15 अक्टूबर से खेतों की सिंचाई के लिए नहरों में पानी सुकमा डैम से छोड़ा जाएगा जो कि तीन से चार दिन में जिले के सभी नहरों में प्रवाहित होने लगेगा। यह पानी अप्रैल तक अनवरत रूप से नहरों में बहेगा। एक ओर जहां किसानों के लिए यह खुशी की खबर साबित हो रही है तो वहीं दूसरी ओर नहरों का रखरखाव नहीं होने से उनके मन में भय भी बना हुआ है। कि कहीं नहर फूटने से उनकी फसल बर्बाद हो जाएं।

गूलनिर्माण हो रहा घटिया :भांडेर विकासखंड के ग्राम पिपरउआ, बैंदा, ततारपुर आदि स्थानों पर गूल के निर्माण का काम अभी हाल ही में राजघाट नहर में शुरू कराया है लेकिन वह भी निर्माण कार्य इतना घटिया किस्म का किया जा रहा है कि गूल पानी का एक बहाव भी नहीं झेल पाएगी। गूल के घटिया निर्माण को लेकर ग्राम के चंद्रप्रकाश पटेल ने एसडीएम से शिकायत कर कार्य की गुणवत्ता सुधारने की मांग की है।

काम शुरू करवा दिया है

^15अक्टूबर को सुकमा डैम से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा जो कि तीन से चार दिन में जिले के सभी नहरों में प्रवाहित होने लगेगा। क्षतिग्रस्त नहरों के मरम्मत का भी काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। आरएनसिंह, सबइंजीनियर, सिंचाई विभाग दतिया

नहरों के संधारण का काम शुरू नहीं

नहरसे पानी छूटने में अब सिर्फ 15 दिन ही शेष बचे हैं और विभाग ने अब तक नहरों की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया है। भांडेर विकासखंड के कई ग्रामों की नहरें एेसी हैं जो कि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। इसके बाद भी विभाग ने इनकी मरम्मत की ओर अब ध्यान नहीं दिया है। जिससे आगामी समय में यह क्षतिग्रस्त नहरें किसानों के लिए दुखदायी सिद्ध हो सकती हैं।