जहां फर्नीचर तक नहीं, उन स्कूलों में बनाए परीक्षा केंद्र
फर्नीचर का कराएंगे इंतजाम
38 परीक्षा केंद्रों पर 20 हजार छात्र देंगे परीक्षा
भास्कर संवाददाता | दतिया
माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं एक मार्च से शुरू हो रही हैं। लेकिन इस बार बोर्ड ने ऐसे स्कूलों को परीक्षा केंद्र बना दिया है, जहां बैठने के लिए टेबल-कुर्सियां तक नहीं हैं। ऐसी हालत में परीक्षा में शामिल होने वाले 20 हजार में से 12 हजार परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी होगी। जबकि बोर्ड के ही सख्त आदेश हैं कि जिन स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर हो वहीं परीक्षा केंद्र बनाया जाए।
हाईस्कूल व हायर सेकंडरी परीक्षाओं के लिए इस बार जिले में 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन परीक्षाओं में करीब 20 हजार छात्र शामिल होंगे। माध्यमिक शिक्षा मंडल के आदेशानुसार इस बार अधिकांश सरकारी स्कूलों को ही परीक्षा केंद्र बनाया गया है। लेकिन इनमें छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर भी नहीं है। स्थिति यह है कि उत्कृष्ट विद्यालयों को छोड़कर अधिकांश स्कूलों में 50 फीसदी परीक्षार्थियों के लिए भी टेबल कुर्सियां नहीं है। ऐसे में अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर करीब 12 हजार छात्रों को जमीन पर बैठकर ही परीक्षा देना होगी। जबकि माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा परीक्षार्थियों को टेबल कुर्सी पर बैठाने के आदेश जारी किए गए हैं। लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग इन निर्देशों के पालन में स्कूलों में फर्नीचर का इंतजाम नहीं कर पाया है। हालांकि डीईओ आरएल उपाध्याय का कहना है कि वे प्रयास कर रहे हैं कि परीक्षा से पहले केंद्रों पर फर्नीचर का इंतजाम किया जा सके।
इन स्कूलों में नहीं है फर्नीचर
शासकीय उमावि थरेट, हाईस्कूल उचाड़, उमावि सिलोरी, उमावि बरधुंवा, हाईस्कूल गोदन, उमावि खिरिया आलम, हाईस्कूल बसवाहा, उमावि मंगरौल, हाईस्कूल पिपरौआकलां, हाईस्कूल पंडोखर, उमावि जिगना, हाईस्कूल सरसई, उमावि सेंवढ़ा और उमावि बालक भांडेर में नाम मात्र के लिए फर्नीचर नहीं है।
स्कूलों में बच्चे टाटपट्टी पर बैठते हैं
हाईस्कूल और हायर सेकंडरी की बोर्ड परीक्षाओं के लिए अधिकांश सरकारी स्कूलों को ही केंद्र बनाया गया है। स्कूलों पर फर्नीचर की कमी है। परीक्षाओं से पहले फर्नीचर का इंतजाम करने के प्रयास किए जाएंगे। - आरएल उपाध्याय, डीईओ दतिया
जिले में यह स्कूल बनाए गए हैं केंद्र
शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक एक दतिया, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक दो, शासकीय एमएलबी कन्या उमावि, शासकीय उमावि थरेट, उमावि बड़ौनी, उमावि बालक सेंवढ़ा, उमावि उना, उमावि बालक इंदरगढ़, उमावि भगुवापुरा, उमावि बसई, हाईस्कूल सिविल लाइन दतिया, उमावि कन्या सेंवढ़ा, उमावि कन्या इंदरगढ़, हाईस्कूल उचाड़, उमावि सिलोरी, हाईस्कूल कन्या होलीपुरा, उमावि कन्या उनाव, उमावि बरधुंवा, उमावि बालक भांडेर, उमावि कन्या भांडेर भाग-अ, उमावि कन्या भांडेर, हाईस्कूल गोदन, उमावि खिरिया आलम, हाईस्कूल बसवाहा, उमावि मंगरौल, उमावि उदगुंवा, हाईस्कूल पिपरौआकलां, हाईस्कूल पंडोखर, उमावि जिगना, हाईस्कूल सरसई, हाईस्कूल सालौन-बी, सरस्वती शिशु मंदिर उमावि भरतगढ़, होलीक्रास आश्रम उमावि दतिया, सरस्वती शिशु मंदिर उमावि बुंदेला नगर, शांति निकेतन बड़ौनी, खेड़ापति सरकार पब्लिक हाईस्कूल इंदरगढ़, शासकीय माध्यमिक विद्यालय बड़ैरासोपान, माध्यमिक स्कूल सेंवढ़ा, उमावि बालक भांडेर भाग-ब को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।
फैक्ट फाइल
13303 परीक्षार्थी हाईस्कूल परीक्षा में होंगे शामिल।
7155 परीक्षार्थी हायर सेकंडरी की परीक्षा में होंगे शामिल।
38परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं इन परीक्षाओं के लिए।
16परीक्षा केन्द्रों पर बिल्कुल नहीं है फर्नीचर।
निजी व माध्यमिक स्कूलों को भी बनाया परीक्षा केंद्र
जिले के सरकारी स्कूलों के हालात इतने खराब हैं कि बोर्ड परीक्षाओं में केंद्र बनाने के लिए अधिकारियों को निजी और माध्यमिक स्कूलों का सहारा लेना पड़ा। कारण यह है कि इस बार बोर्ड ने सिर्फ सरकारी स्कूलों को ही परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लिया था। लेकिन जिले के शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों में आवश्यक संसाधनों की कमी के चलते निजी और माध्यमिक स्कूलों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।
इंदरगढ़ के कन्या विद्यालय में जमीन पर बैठकर पढ़ाई करती छात्राएं। फोटो-भास्कर