गलत नक्षत्र में पैदा होने वाला व्यक्ति होता है दुराचारी
दतिया | वे लोग बड़े भाग्यशाली होते हैं, जिनका पुत्र आज्ञाकारी होता है। गलत नक्षत्र में पैदा होने वाला व्यक्ति दुराचारी होता है। इसमें माता-पिता कुल आदि किसी का कोई दोष नहीं होता है। यह बात छोटी माता मंदिर पर चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा में पंडित महेशचंद्र शास्त्री ने श्रोताओं से कही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण मौजूद थे। कथा में शास्त्रीजी ने कहा कि एक बार की वस्तु का दूसरी बार दान नहीं किया जाता है। कन्या, गाय इनके दो भाग नहीं होते और न ही इनका पुन: दान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष के चारों नवरात्र में जो व्यक्ति श्रीमद देवी भागवत कथा का श्रवण करता है उसे सुख की प्राप्ति होती है। जो लोग माता-पिता, गुरु की आज्ञा का पालन नहीं करते हैं। मूर्ति को खंडित करते हैं। वे जीवन में कभी सुख की प्राप्ति नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सारा जल आकाश से गिरकर समुद्र में समा जाता है। उसी प्रकार किसी भी देवी-देवता की पूजा करो भगवान एक ही है। जितने भी भगवान है उनकी शक्ति एक ही है। उनकी शक्ति के बिना कुछ नहीं हो सकता। कथा में मंगलवार से सहस्रचंडी यज्ञ भी शुरू हो गया है।