रोजगार सहायकों को सौंपा पंचायत सचिव का प्रभार
नियमों की अनदेखी, पिछड़ रहा पंचायतों का कामकाज
भास्कर संवाददाता। दतिया
जनपद पंचायत दतिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में नियमों की अनदेखी कर पंचायत सचिव का प्रभार रोजगार सहायकों को दिया जा रहा है। ऐसे में रोजगार सहायक पंचायत में कामकाज की बजाए खाते में जमा राशि पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। जबकि जनपद पंचायत सीईओ अजय कुमार सिंह का कहना है कि शासन ने अभी कुछ समय पहले आदेश में बदलाव किया है। उसी के तहत प्रभार सौंपे गए हैं।
दो साल पहले जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जमे सचिवों के स्थानातंरण किए गए थे। इस प्रक्रिया में कई पंचायतों में सचिव पद रिक्त हो गया था। ऐसे में इन पंचायतों का प्रभार समीपस्थ ग्राम पंचायत के सचिवों को दे दिया गया था। लेकिन कुछ दिनों पहले जिला पंचायत सीईओ धनंजय मिश्रा ने रोजगार सहायकों को पंचायत सचिव का प्रभार देना शुरू कर दिया है। जिसके तहत उपरांय पंचायत सचिव का प्रभार रविन्द्र पाल, कुरथरा का मनोज दांगी और नयागांव का प्रतीक्षा परमार को प्रभार दे दिया गया है। जबकि 29 मार्च 2011 को प्रकाशित मध्यप्रदेश राजपत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि किसी ग्राम पंचायत सचिव का पद रिक्त होता है तो अतिरिक्त प्रभार उसके समीप की ग्राम पंचायत के सचिव को पद भर जाने तक दिया जा सकता है। यह कार्रवाई जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा की जाएगी। इसकी अनुशंसा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी करेंगे। इधर रोजगार सहायकों को पंचायत सचिव का प्रभार मिलने के बाद वे पंचायत की योजनाओं और कामकाज पर भी अधिक ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में पंचायतों का कामकाज भी पिछड़ रहा है।
पद रिक्त, इसलिए दिया प्रभार
कुरथरा, नयागांव और उपरांय में पंचायत सचिव के पद रिक्त पड़े थे। इसलिए वहां के रोजगार सहायकों काे पंचायत सचिव का प्रभार दिया गया है। इस संबंध में कुछ समय पहले आदेश आया था। उसी के तहत कार्रवाई की है। आखिर पंचायत का विकास सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक तीनों को मिलकर ही करना है। अजय कुमार सिंह, सीईओ जनपद पंचायत दतिया