पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • देश प्रदेश और परिषद में भाजपा, कैसे पूरे होंगे बसपा नपाध्यक्ष के चुनावी वादे

देश-प्रदेश और परिषद में भाजपा, कैसे पूरे होंगे बसपा नपाध्यक्ष के चुनावी वादे

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चुनाव से पहले नपाध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने यह किए थे वादे

प्रदेश में बसपा की आवाज उठाने वाला कोई जनप्रतिनिधि नहीं।

भास्करसंवाददाता| दतिया

नगरीयनिकाय चुनाव खत्म हो चुके हैं। इन चुनावां में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है। नगर पालिका नगर पंचायतों के नव निर्वाचित अध्यक्षों ने अपनी-अपनी प्राथमिकता और वादे किए हैं। लेकिन अध्यक्षों की राह आसान नहीं है। दतिया नपाध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने एक दर्जन से अधिक वादे किए हैं। लेकिन परिषद में भाजपा के पार्षदों का बहुमत होने के कारण अध्यक्ष की मुसीबत बढ़ना लाजिमी है।

नपा अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने चुनाव से पहले जहां घोषणाएं की थी, वहीं चुनाव जीतने के बाद अपनी प्राथमिकताएं भी बताई। इन दोनों के लिए शासन से अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी। श्री अग्रवाल ने जलावर्धन योजना की मरम्मत, नपा में सीसीटीवी कैमरे लगवाना, पार्कों का जीर्णोद्धार जैसी योजनाओं को प्राथमिकताओं में शामिल किया था।

बदहाल हालत में सीता सागर, नपाध्यक्ष ने इस ताल को संवारने का वादा किया है।

सत्ताधारी दल अटका सकता है विकास में रोड़ा

इनतमाम योजनाओं के लिए नपा को योजना बनाने के बाद अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी। योजना के प्रस्ताव को स्वीकृति से लेकर बजट आवंटित करने की जिम्मेदारी आमतौर पर प्रदेश स्तरीय जन प्रतिनिधियों की होती है। चूंकि बसपा का प्रदेश में कोई अस्तित्व नहीं है, ऐसे में भोपाल में इनका फालोअप राशि स्वीकृत होना मुश्किल होगा। दूसरी ओर भाजपा प्रतिनिधि नहीं चाहेंगे कि शहर में विकास का श्रेय बसपा को मिले। इसलिए सत्ताधारी दल भी प्रस्तावों में रोड़े अटकाने का काम करेंगे।

सिर्फ अनुदानों पर चल रही नपा

वर्तमानमें अगर नपा का हाल देखें तो नपा पूरी तरह से शासन से मिलने वाले चुंगी क्षतिपूर्ति, वित्त आयोग जैसे मिलने वाले अनुदानों के बल पर संचालित हो रही है। नपा की आमदनी के प्रमुख स्रोत जलकर, संपत्तिकर, समाकेतिक कर, दुकानों का किराया आदि वसूलने में नपा पूरी तरह से नाकाम है। मिलने वाला अनुदान स्थापना व्यय में खर्च हो जाता है। ऐसे में घोषणाओं को पूरा करना नव निर्वाचित अध्यक्ष श्री अग्रवाल के सामने मुश्किलों भरा होगा।



4.इनघोषणाओं को भी पूरा करना होगा मुश्किल

शहरमें पार्किंग स्थलों का निर्माण, कर्मचारियों का नियमितिकरण, नपा को ऑनलाइन जोड़ना, नपा के रिक्त पदों को भरना, सुलभ