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बे-मौसम बारिश से बिछ गई खेतों में खड़ी फसल
चना, मसूर, अलसी और मटर की फसलों को नुकसान की आशंका
भास्करसंवाददाता| दतिया
शुक्रवार की रात मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। देर रात तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। रुक-रुककर हुई बारिश तेज हवा से खेतों में खड़ी चना, मसूर, अलसी, मटर की फसलें पसर गई। किसानों के अनुसार बारिश से फसलों को 10 प्रतिशत नुकसान की संभावना है।
शुक्रवार की रात गड़गड़ाहट के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से खेतों में खड़ी सरसों, अलसी, मटर की फसल के पौधे जमीन की ओर झुक गए, जिससे सरसों का दाना टूटकर गिरने का खतरा पैदा हो गया है। जिले में रबी फसल के तहत लगभग दो लाख 40 हजार हेक्टेयर में फसलों की बुबाई की गई। इसमें एक लाख 70 हजार हेक्टेयर में गेहूं शेष लगभग 70 हजार हेक्टेयर में दलहन तिलहन की फसलों की बुबाई किसानों ने की है। शुक्रवार शनिवार को हुई बारिश से 70 हजार हेक्टेयर फसल में नुकसान की संभावनाएं बन रहीं है। इससे किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है।
चार डिग्री गिरा तापमान
बारिशहवा से दिन का तापमान चार डिग्री लुढ़क गया। तापमान में आई गिरावट से दिन में लोग सर्दी से परेशान रहे। हवा बारिश ने इस परेशानी को और अधिक बढ़ा दिया। मालूम हो कि शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 22 डिसे दर्ज किया गया था, जो शनिवार को लुढ़क कर 18 डिसे पर पहुंच गया। जबकि रात का न्यूनतम तापमान साढ़े चार डिग्री चढ़ गया। शुक्रवार को 6.5 डिसे से चढ़कर शनिवार को 11 डिसे पर पहुंच गया।
जिलेभर में 9.3 एमएम बारिश
रातभरमें दतिया में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार की रात जिले में कुल 9.3 एमएम औसत बारिश दर्ज की गई। इसमें दतिया ब्लाक में 19 एमएम, सेंवढ़ा में सबसे कम एक एमएम भांडेर में 9 एमएम बारिश दर्ज की गई।
खेतों में जाकर होगा नुकसान का आकलन
^बारिशसे दलहन तिलहन की फसलों को नुकसान होगा। नुकसान पांच से 10 फीसदी संभावित है। खेतों की स्थिति देख कर नुकसान का सही आंकलन हो सकेगा। जिन किसानों के खेतों में बारिश का पानी भर गया, उसे निकालने का इंतजाम करें। डॉ.आरकेएस तोमर, जिला समन्वयक, कृषि विज्ञान केन्द्र दतिया।
एक खेत में बारिश का पानी भरने से खेत में बिछी सरसों की फसल।