बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,बालिकाओं की गरिमा और समानता को दर्शाता है
दतिया | बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं योजना बालिकाओं के अधिकार, आशाओं तथा आकांक्षाओं का प्रतीक है। साथ ही बालिकाओं की गरिमा तथा समानता को दर्शाता है। बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ योजना बाल लिंगानुपात में गिरावट को रोकने और उसमें वृद्धि करने की एक पहल है। यह बात महिला एवं बाल विकास विभाग की ब्लॉक अधिकारी मिथलेश श्रीवास्तव ने तान्या होटल में आयोजित कार्यशाला में कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी बीएल विश्नोई की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष व धरती संस्था की ओर से घर-घर दस्तक अभियान हस्ताक्षर के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु खंडस्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मिथलेश श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें सम्मान दिलाने और अवसरों में वृद्धि रोकने का प्रयास ही बेटी बचाओं अभियान है। इस अवसर पर श्री विश्नोई ने कहा कि जिस जिले में मां रतनगढ़ माता, मां पीतांबरा, मां धूमावती जैसी तीन शक्ति विराजमान है। वहां बेटियों की स्थिति चिंतनीय है। हमारे जिले में 1000 पुरुष पर 856 महिलाएं है। कार्यक्रम में रामजीशरण राय द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से बालिकाओं व महिलाओं की स्थिति एवं जेंडरचा की। शाहजहां कुर्रेशी ने कहा कि हमें अपने घरों में ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां बेटा व बेटी में भेदभाव नहीं हो। जिला संयोजक साहू ने बेटियों की समानता देने का आव्हान किया और बताया कि लड़का व लड़की दोनों को समानता का अधिकार दें।