पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • .. आप चले जाएं मगर जिंदा रहें विचार

.. आप चले जाएं मगर जिंदा रहें विचार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दोहा गोष्ठी में कवियों ने पढ़े दो सैकड़ा दोहा।

भास्करसंवाददाता| दतिया

ऐसीकरनी कीजिए ऐसा हो आचार, आप चले जाएं मगर जिंदा रहंे विचार। उक्त दोहा की पंक्तियां मधुकर शोध संस्थान द्वारा शुरू किए गए दोहा गोष्ठी में रविवार को स्थानीय बांके बिहारी सेन समाज मंदिर में खूब गूंजी। दोहा गोष्ठी के दौरान रचनाकारों ने दो सैकड़ा दोहे सुनाए। कार्यक्रम का आयोजन साहित्यकार स्व. जगदीश शरण बिलगैंया की प्रथम पुण्य तिथि के मौके पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रंगकर्मी चंद्रप्रकाश दुबे एवं विशेष अतिथि के रूप में डा. हरीश उपस्थित रहे।

कार्यक्रम आयोजक विनोद मिश्र ने बताया कि दोहा गोष्ठी के आयोजन ध्येय दोहा सृजन को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के प्रारंभ में रामहजूर दांगी ने दोहा के रूप में सरस्वती वंदना पेश की। तत्पश्चात उपस्थित कवियों ने दोहा के रूप में काव्य पाठ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने साहित्य संरक्षण की बात कही। इस मौके पर मुख्य रूप से प्रमोद अश्क, रवि ठाकुर, रामस्वरूप रसिक, बृजेश अमन, रविन्द्र परमार, लक्ष्मीनारायण झा, जगत शर्मा, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, मुन्नीलाल शर्मा,हरिकृष्ण हरि, राजेन्द्र सिंह खेंगर, राजेन्द्र शुक्ला, कमलकांत शर्मा, बृजमोहन दीक्षित, दंगल सिंह सहित अन्य कवियों ने काव्य पाठ किया।

शोध संस्थान द्वारा शुरू किए गए दोहा गोष्ठी में काव्य पाठ करते कवि।