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कलेक्टर बोले- मरीज का इलाज करो, डॉक्टर बोले- मैं एनेस्थिस्ट, मेरा काम मरीज देखना नहीं
कलेक्टर को ज्ञापन देने गए थे डॉक्टर, शुक्रवार को प्रसूता के परिजन ने डॉक्टर के साथ की थी मारपीट।
भास्करसंवाददाता| दतिया
जिलाअस्पताल में शनिवार को कलेक्टर प्रकाश चंद्र जांगरे को अस्पताल के डॉक्टर एक दिन पहले हुई मारपीट के संबंध में ज्ञापन सौंप रहे थे, तभी उनके पास पहुंचे मरीज के कुछ परिजन ने उन्हें इलाज होने का दुखड़ा सुनाया। इस पर कलेक्टर ने ज्ञापन सौंपने आए डॉक्टरों में शामिल डॉ डीसी श्रीवास्तव को उन मरीजों के पर्चा थमाकर इलाज करने की बात कही। इस पर डॉ. श्रीवास्तव ने कलेक्टर के सामने ही मरीज के परिजन से कह दिया कि यह मेरा काम नहीं है। मैं तो एनेस्थिस्ट (ऑपरेशन से पहले मरीज को बेहोश करने वाले डॉक्टर) हूं। यह सुनकर कलेक्टर हैरान रह गए। उन्होंने डॉ श्रीवास्तव को फटकार लगाते हुए कहा कि जब आप मेरे सामने मरीज से इस तरह का व्यवहार कर रहे हो तो बाद में क्या करते होगे, यह समझा जा सकता है। इस पर डॉ श्रीवास्तव चुप हो गए और ज्ञापन देने वाले अन्य डॉक्टर भी चुपचाप खिसक लिए। मालूम हो कि शुक्रवार को डॉ श्रीवास्तव पर अर्जेंट कॉल के बाद भी अस्पताल में देरी से आने का आरोप लगा था। ऑपरेशन में देरी के कारण महिला के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी। इस पर परिजन ने डॉ श्रीवास्तव के साथ मारपीट भी की थी।
कलेक्टर शनिवार को मानव अधिकार आयोग के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अस्पताल गए थे। कार्यक्रम खत्म होते ही डॉ. श्रीवास्तव अपने साथ मारपीट करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे। कलेक्टर जांगरे एवं डॉ. श्रीवास्तव चर्चा कर ही रहे थे, इसी दौरान भिटौरा निवासी चेतराम अहिरवार मौके पर पहुंचे। चेतराम ने बताया कि उसकी चार वर्षीय बेटी बीमार हैं। जिला अस्पताल में तीन दिन से भर्ती है, लेकिन कोई भी डॉक्टर इसका सही तरीके से इलाज नहीं कर रहा। चेतराम ने कलेक्टर के हाथ में अस्पताल के पर्चे दे दिए। कलेक्टर नेे सामने खड़े डॉ. श्रीवास्तव को पर्चे देते हुए मरीज की समस्या सुनने के लिए कहा। हाथ में पर्चे लेते ही डॉ. श्रीवास्तव ने मरीज से कहा कि यह उनका काम नहीं है, वह एनेस्थिस्ट हैं।
मरीज को संतोषजनक जवाब नहीं देने पर लगाई डांट
^डॉक्टरज्ञापन देने आए थे। जब मैंने डॉ श्रीवास्तव को एक मरीज के पर्चे थमाए तो उन्होंने मेरे सामने ही मरीज को संतोषजनक जवाब नहीं दिय