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सफाईकर्मियों के वेतन पर हर साल Rs.2 करोड़ खर्च फिर भी शहर गंदा

5 वर्ष पहले
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सप्ताह भर में नजर आने लगेगा सुधार
वेतन भरपूर, संसाधन भी पर्याप्त फिर भी नहीं हो रही शहर की सफाई

नपाध्यक्ष-पार्षदों को भी शहर में फैल रही गंदगी नहीं आती नजर

भास्कर संवाददाता| दतिया

शहर की सफाई के लिए तकरीबन 250 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है लेकिन इसके विरुद्ध नपा में 350 से अधिक सफाईकर्मी हैं, संसाधन भी पर्याप्त हैं फिर भी हमारा शहर गंदा है। यहां बता दें कि वर्ष 2009 में सफाई कर्मियों के वेतन पर 66.36 लाख रुपए खर्च होते थे जो वर्ष 2014-15 में बढ़कर 1.97 करोड़ तक पहुंच गया। छह साल में ढाई गुना खर्च तो बढ़ गया लेकिन शहर में चारों तरफ गंदगी बिखरी रहती है। बावजूद इसके नगरपालिका अध्यक्ष सहित पार्षदों को गंदगी नजर ही नहीं आती।

बता दें कि नपा एक्ट के अनुसार पांच सौ की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी होना जरूरी है। वर्तमान में शहर की आबादी लगभग सवा लाख है। इस हिसाब से पूरे शहर की साफ सफाई के लिए नपा को मात्र 250 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन नपा के पास वर्तमान में 350 से अधिक सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें नपा के स्थायी लगभग 65 सफाई कर्मचारी भी शामिल है। बावजूद इसके शहर स्वच्छ नहीं हो पा रहा।

नपा ने शहर के 36 वार्डों को 15 हल्कों में बांटा है।

हर हल्के के लिए एक मैट ( सुपरवाइजर) है।

एक मैट के पास वार्ड के क्षेत्रफल व जनसंख्या के हिसाब से एक से तीन वार्ड की सफाई की जिम्मेदारी है।

एक मैट के अधीन 10 से 15 सफाई कर्मचारी हैं।

औसतन देखा जाए तो एक वार्ड की सफाई की जिम्मेदारी सात सफाई कर्मचारियों पर है।

शहर में वार्ड व्यवस्था इस प्रकार है कि एक मोहल्ले या गली में दो वार्ड के रहवासी हैं।

वर्तमान में नपा के पास कुल 250 से अधिक दैनिक वेतन भोगी सफाई कर्मचारी हैं। इसके अलावा 65 स्थायी सफाई कर्मचारी भी सफाई के काम में लगे हैं

सफाई को लेकर क्या है नपा की व्यवस्था
नपा के सफाई कर्मचारियों के वेतन का वर्षवार ब्यौरा
वर्ष राशि

2009-10 66 लाख 36 हजार

2010-11 1 करोड़ 2 हजार

2011-12 1 करोड़ 25 लाख

2012-13 1 करोड़ 66 लाख

2013-14 1 करोड़ 71 लाख

2014-15 1 करोड़ 97 लाख

महज 60 फीसदी शहर की सफाई
नपा मात्र 60 फीसदी शहर की सफाई की जिम्मेदारी उठा रही है। शहर की अधिकांश कॉलोनी में नपा के सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचते। खास बात यह है कि नपा चालू वर्ष में तीन बार विशेष सफाई अभियान चला चुकी है। बावजूद इसके शहर को गंदगी से मुक्ति नहीं मिल पा रही।

गलियों में ही लगा देते हैं कचरे के ढेर
कचरा उठाने के लिए 40 से अधिक कर्मचारी अलग - सफाई कर्मचारियों द्वारा गली मोहल्लों में झाड़ू लगा कर कचरे के ढेर लगा दिए जाते हैं इन्हें उठाने के लिए वर्तमान में सात ट्रैक्टर ट्रॉली शहर में घूमती हैं। एक ट्रॉली पर छह कर्मचारी तैनात हैं। एक ट्रॉली एक दिन में 6 राउंड लगाती है।

शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर, नियमित सफाई नहीं
यह सही है कि नपा के पास पर्याप्त सफाई अमला है। कुछ दिन से व्यवस्था बिगड़ी थी। एक सप्ताह में व्यवस्था में सुधार हो जाएगा। शहर की साफ सफाई में भी फर्क नजर आने लगेगा। आरबीएस राजौरिया, सीएमओ नपा।

शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे कचरे के ढेर के पास से लोग निकलने के लिए मजबूर हैं।

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