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आपने जो टैक्स दिया, नपा जनप्रतिनिधि व अफसरों ने उसे फिजूल खर्च कर दिया

5 वर्ष पहले
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मुक्तिधाम की सफाई के दौरान कर्मचारियों से चर्चा करते नपाध्यक्ष सुभाष अग्रवाल।

ईमानदार और जनता का हमदर्द होने का दिखावा, लोगों को फायदा कुछ नहीं
अबनीश श्रीवास्तव | दतिया

जनता से टैक्स के रूप में वसूली जाने वाली लाखों रुपए की राशि को उसे ही चुने हुए नगरपालिका जनप्रतिनिधि व अफसर फिजूलखर्च कर रहे हैं। दतिया नगरपालिका में ऐसे तीन मामले आए हैं जिन्हें पढ़कर आप भी समझ जाएंगे कि आपके नेता आपके विकास पर व्यय होने वाली राशि का किस तरह दुरुपयोग कर रहे हैं।

पार्षद कर रहे विरोध, फाइलें ही नहीं दिखा रहे

नपाध्यक्ष द्वारा मुक्तिधाम की सफाई के नाम पर गुपचुप ढंग से किए गए पेमेंट का पार्षद विरोध कर रहे हैं। परिषद की बैठक में जब यह मुद्दा उठा तो पार्षदों को मुक्तिधाम पर हुए कार्य और भुगतान की फाइलें नहीं दिखाई गईं। इधर पार्षदों द्वारा अधूरी पड़ी उनाव रोड के भुगतान का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। नपा अधिकारी कर्मचारी अब इन फाइलों को दबाने में लगे हुए हैं।

ठेकेदार को पहुंचाया लाभ
मुक्तिधामों की सफाई का फर्जी तरीके से भुगतान किया है। परिषद बैठक में मुद्दा भी उठाया था। लेकिन फाइलें सामने नहीं लाई गईं। गुपचुप तरीके से टेंडर निकालकर चहेते ठेकेदार को लाभ दिया गया है। - प्रशांत ढेंगुला, पार्षद

सारे काम नियमानुसार है

मुक्तिधाम की तमाम फाइलें है। कोई भुगतान गलत तरीके से नहीं किया गया है। पार्षदों की व्यक्तिगत टेंशन है, इसलिए वे ऐसे आरोप लगा रहे हैं। सारे कार्य नियमानुसार कराए हैं। उनाव रोड का भुगतान योजना चालू रखने के लिए किया गया है। - आरबीएस राजौरिया, सीएमओ, दतिया

झूठ-मनमानी के तीन उदाहरण
नपाध्यक्ष ने एक साल पहले कहा, अपनी जेब से करा रहा हूं मुक्तिधाम की सफाई, बाद में सरकारी खजाने से एक लाख का कर दिया भुगतान

50 लाख का भुगतान कर दिया ठेकेदार को जबकि उनाव रोड व ठंडी सड़क अधूरी पड़ी हुई है।

04 लाख की डस्टबिन खरीदीं, व्यापारियों को बांटी नहीं, स्टोर में खा रहीं हैं धूल

उनाव व ठंडी सड़क बनी नहीं, ठेकेदार को 50 लाख का किया पेमेंट
मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजनांतर्गत उनाव रोड और ठंडी सड़क का निर्माण किया जाना था। यह रोड पांच करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से बननी थी। लेकिन रोड अब तक अधूरी है। जबकि नपा द्वारा तकरीबन पूरा भुगतान कर दिया गया है। बताया जा रहा है करीब 50 लाख रुपए बीते ढाई महीनों में ठेकेदार को दिए गए हैं। वहीं इस मामले में नपा सीएमओ का कहना है कि योजना को चालू रखने के लिए भुगतान किया गया है। अन्यथा राशि लैप्स हो जाती। सवाल इस बात का है कि अगर ठेकेदार सड़क निर्माण अधूरा छोड़ देगा तो क्या नपा उससे रिकवरी कर सकेगी।

हजारों रुपए से डस्टबिन खरीदे, व्यापारियों को बांटे नहीं, स्टोर में रखे खा रहे धूल
नगरपालिका अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने शहर को साफ स्वच्छ रखने के लिए व्यापारियों को अपनी जेब से डस्टबिन बांटने की भी घोषणा की थी। बाद में उनके द्वारा डस्टबिन नगरपालिका की राशि से खरीदे गए। परिणामस्वरूप परिषद के विरोध के चलते उक्त डस्टबिन भी नपा के स्टोर में धूल फांक रहे हैं। यहां बता दें कि नगरपालिका इन डस्टबिन की खरीदी में करीब चार लाख रुपए खर्च किए थे।

वाहवाही नपाध्यक्ष ने लूटी, पेमेंट कर दिया सरकारी खजाने से
बहुजन समाज पार्टी से चुनाव जीतकर नपा अध्यक्ष बने सुभाष अग्रवाल ने जनता की कसौटी पर खरा उतरने के लिए तमाम घोषणाएं की थी। मार्च 2015 में शहर के मुक्तिधामों की सफाई कराते वक्त उन्होंने घोषणा की थी कि यह सफाई वे अपनी जेब से करा रहे हैं। लेकिन पार्टी बदलते ही उनके स्वर बदल गए हैं। उन्होंने दो महीने पहले मुक्तिधामों पर चली जेसीबी का करीब एक लाख रुपए का भुगतान करा दिया। गंभीर बात यह है कि नगरपालिका में मुक्तिधामों की सफाई के लिए डाले टेंडर में 14% ब्लो (निर्धारित दर से कम में) वाले ठेकेदार को भुगतान किया गया है।

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