हेडली के खुलासे से सियासत भी गरमाई
भास्कर न्यूज नेटवर्क|नई दिल्ली
इशरत जहां के बारे में डेविड हेडली के खुलासे के बाद सियासत भी गरमा गई है। भाजपा ने कहा कि इशरत जहां का महिमामंडन करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। वहीं कांग्रेस ने कहा कि भाजपा फर्जी मुठभेड़ को सही ठहराने की कोशिश कर रही है।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘हेडली ने जो भी खुलासे किए हैं, वह भारत सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और अभियोजन के लिए अच्छे हैं। हमारी जांच और कार्यवाही सही दिशा में है।’ भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, ‘हेडली के खुलासे से साबित हो गया कि इशरत लश्कर की आत्मघाती हमलावर थी। मोदी को मारने आई थी। कांग्रेस ने आतंकियों की मौत पर राजनीति की। लेकिन आज उसके नेता बेनकाब हो गए हैं।’
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, “एक बयान के आधार पर जून 2004 में अहमदाबाद में हुई फर्जी मुठभेड़ को जायज नहीं ठहराया जा सकता। हाईकोर्ट की देखरेख में सीबीआई ने दो साल जांच के बाद मुठभेड़ को फर्जी पाया। कई पुलिस अफसरों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अब मोदी सरकार और भाजपा हेडली के बयान के आधार पर फर्जी मुठभेड़ को सही ठहरा रही है। लेकिन भारत का संविधान और कानून इसकी अनुमति नहीं देता है।’
राणा, आईएसआई से मिलते थे पैसे
शिकागो के तहव्वुर राणा और आईएसआईएस से नियमित पैसे मिलते थे। मुंबई में इमिग्रेशन कंसल्टेंट के तौर पर दफ्तर खोलना था। हमलों से पहले राणा मुंबई आया था। मुझे डर था कि वह मुसीबत में फंस सकता है, इसलिए मैंने उसे अमेरिका जाने की सलाह दी थी। भारत आने से पहले आईएसआई के मेजर इकबाल ने 25 हजार डॉलर दिए थे। साजिद मीर ने 40 हजार पाकिस्तानी रुपए मिले थे। अब्दुर रहमान पाशा ने भी 18 हजार रुपए दिए थे।
बाबरी ध्वंस का बदला था अक्षरधाम पर हमला
हमने सुना था कि अबु दुजुना ने मेरी मुलाकात (साजिद मीर से पहले लश्कर में हेडली का हैंडलर) मुजम्मिल से कराई थी। मैं उसके साथ भारतीय सैनिकों से लड़ने कश्मीर भी गया था। मुझे पता चला था कि उसने अक्षरधाम मंदिर पर हमले की योजना बनाई है। मैंने पूछा तो उसने कहा था कि भारतीयों ने (1992 में) बाबरी मस्जिद गिरा दी थी। बदले में भारतीय मंदिरों पर हमला जायज है।
मुंबई हमले से बहुत खुश था हेडली
2008 के हमलों के बाद मेरी रावलपिंडी में साजिद मीर से मुलाकात हुई थी। उसने मुझे कहा था कि वह हमलों से बहुत खुश है। यहां तक कि मैं भी बहुत खुश था। मैं लाहौर के कारोबारी हाजी अशरफ को जानता हूं। वह लश्कर की वित्तीय इकाई का प्रभारी था। यहां तक कि अल-कायदा के इलियास कश्मीरी से भी एक बार मिला था।
अबु काहफा दे रहा था आतंकियों को रक्तपात के निर्देश
26/11 के हमलावरों को अबु काहफा ने भी ट्रेनिंग दी थी। कराची के जिस कंट्रोल रूम से इन आतंकियों को रक्तपात के निर्देश दिए जा रहे थे, उसमें काहफा मौजूद था। वह और साजिद मीर ही आतंकियों को निर्देश दे रहे थे। दस हमलावरों में काहफा का एक भतीजा भी शामिल था।
वीडियो पेशी में हेडली ने किए और खुलासे