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राहुल के सामने एक ही विकल्प, संघर्ष

7 वर्ष पहले
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बेटियां असाधारणरूप से दूरदर्शी हो सकती हैं : मेरी किताब 2014 : इलेक्शन देट चेंज्ड इंडिया पर पहली नजर डालते ही मेरी बेटी ने पूछा कि किताब के आवरण पर नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी दोनों के फोटो क्यों हैं? ‘क्या आपको सिर्फ मोदी का फोटो नहीं रखना चाहिए था, क्योंकि वे बड़े विजेता साबित हुए हैं? आपको राहुल के चित्र की भी जरूरत क्यों महसूस हुई?’ मैंने जवाब दिया, ‘क्योंकि हर जीतने वाले के लिए आपको एक हारने वाले की भी जरूरत होती है!’

इस बड़े चुनाव वाले वर्ष का विश्लेषण करें तो यही पता चलेगा कि चुनाव मोदी की अनोखी उद्यमशीलता ऊर्जा के कारण जीते गए। हालांकि, यह भी उतना ही सच है कि कांग्रेस ने बहुत कमजोर चुनाव अभियान चलाया था। मेरी किताब के लिए शोध के दौरान कांग्रेस ने जो भूलें कीं उन्हें देखकर मैं स्तब्ध रह गया। : गलत तरीके से नियोजित विज्ञापन अभियान उम्मीदवारों के चयन में भ्रम से लेकर मोदी की चुनौती को समझने में नाकामी कमजोर तैयारी से विफल रहे राहुल के इंटरव्यू तक पार्टी ने कई भूलें कीं। मोदी ने शानदार चुनाव अभियान चलाया, लेकिन उन्हें कांग्रेस की नाकामियों से अच्छी-खासी मदद मिली।

करीब छह माह बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस ने अब भी सबक नहीं लिया है। चुनाव जीतने के लिए आपको लड़ने की जरूरत होती है या कम से कम कार्यकर्ताओं को यह अहसास करवाना पड़ता है कि आप लड़ने के लिए तैयार हैं। राजनीति विज्ञानी प्रताप भानू मेहता ने हाल ही में सुझाया कि, ‘कांग्रेस, पराजयवाद से हार रही है।’ हरियाणा और महाराष्ट्र, दोनों राज्यों में लड़ाई शुरू होने के पहले ही आपने लड़ना छोड़ दिया। महाराष्ट्र में एक कांग्रेसी प्रत्याशी ने मुझे यहां तक कहा, ‘मैं ऐसे चुनाव पर अपना पैसा क्यों बर्बाद करूं, जो मैं जानता हूं कि हारने वाला हूं!’

कांग्रेस के जमीनी सैनिक इसलिए हतोत्साहित थे, क्योंकि उनके जनरल ही गायब थे। 1999 में कांग्रेस इसी तरह की दुर्दशा का सामना कर रही थी : अटलबिहारी वाजपेयी ने दोबारा चुनाव जीता था और चारों ओर यह अहसास था कि कांग्रेस अब खत्म हो चुकी है। सोनिया गांधी ने ज्यादा से ज्यादा रैलियों को संबोधित किया। ज्यादा रोड शो किए। विदेशी मूल के मुद्‌दे पर विरोधियों का सामना किया और यह सुनिश्चित किया कि जहां भी संभव हो उनके सांसद संसद में सरकार को घेरते रहें। 2004 के चुनाव के अंतिम नतीजे चाहे तुक्के जैसे