साहा से जीत नहीं सका मप्र
होलकरस्टेडियम में रणजी ट्रॉफी ग्रुप-ए के अहम मुकाबले में शानदार शुरुआत के बाद भी मध्यप्रदेश के नॉकआउट में पहुंचने के सपने मैच के आखिरी दिन चकनाचूर हो गए। टेस्ट क्रिकेटर बंगाली बाबू रिद्धिमान साहा (92 रन) और सौराशिष लाहिड़ी (48*) ने संकटमोचक पारी खेल मध्यप्रदेश को सीधी जीत से रोक दिया। मध्यप्रदेश को क्वार्टर फाइनल का टिकट पाने के लिए इस मैच में सीधी जीत की दरकार थी लेकिन दोनों बल्लेबाज दीवार बनकर खड़े हो गए। मेजबान टीम से 295 रनों से पिछड़ने के बाद फालोऑन खेल रहे बंगाल ने दूसरी पारी में 8 विकेट पर 303 रन बनाए और मैच ड्रॉ कर दिया। इस ड्रॉ से मप्र अंतिम आठ में पहुंचने से भी चूक गया।
मप्रचौथे स्थान पर
मप्रको पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर 3 अंक मिले और वह 19 अंकों के साथ ग्रुप में चौथे स्थान पर रहा। बंगाल भी एक अंक कमाने में कामयाब रहा। वह 9 टीमों के ग्रुप में 13 अंक के साथ आखिरी पायदान से एक स्थान ऊपर रहा। इससे उसका अगले सत्र में भी ग्रुप-ए में रहना पक्का हो गया। मप्र को सीधी जीत नहीं मिलने का फायदा मुंबई (20 अंक) को मिला जिससे वह क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही।
पहलेसत्र में दाते छाए
होलकरस्टेडियम में चार दिवसीय मैच के अंतिम दिन बंगाल ने अपने कल के स्कोर 1/111 से आगे खेलना शुरू किया। मप्र के गेंदबाजों ने पहले सत्र में शानदार प्रदर्शन किया। पुनीत दाते (4 विकेट), योगेश रावत अंकित कुशवाह (1-1 विकेट) ने लंच तक बंगाल के 210 रन पर 6 विकेट लेकर मप्र की सीधी जीत की उम्मीदें जगा दी।
53ओवर खेले साहा-लाहिड़ी
लंचके बाद 58 ओवर का खेल बचा था और मप्र को जीत के लिए महज 4 विकेट झटकने थे। जलज सक्सेना ने अमित बनर्जी (7) को पगबाधा कर बंगाल को सातवां झटका दिया। अब जीत के लिए सिर्फ 3 विकेट और 56 ओवर का खेल शेष था। क्रीज पर रिद्धिमान साहा के साथ सौराशिष लाहिड़ी थे। दोनों ने मप्र की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने आठवें विकेट के लिए साझेदारी तो 90 रनों की ही की लेकिन इस दौरान उन्होंने 53.5 ओवर तक मप्र को कोई विकेट हासिल नहीं करने दिया। साहा 4 घंटे 14 मिनट क्रीज पर रहे। उन्होंने 227 गेंदों का सामना किया और आउट भी तब हुए जब 3 ओवर का खेल शेष था। बाद का काम सौराशिष के साथ वीर प्रताप सिंह (0) ने पूरा किया। सौराशिष भी 3 घंटे 49 मिनट क्रीज पर रहे। 181 गेंदों का सामना किया और नाबाद लौटे।
92 रनों की संकटमोचक पारी खेलने वाले साहा साथी खिलाड़ियों के साथ।