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कालाधन : 289 खातों में जीरो बैलेंस

7 वर्ष पहले
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कालेधनसे जुड़े मामलों की जांच में नया तथ्य सामने आया है। इसके मुताबिक, भारत को मिली एचएसबीसी बैंक की सूची में से 289 खातों में एक भी पैसा नहीं है। इन मामलों की जांच कर रही एसआईटी ने यह भी पाया है कि सूची में करीब 122 नाम दो बार लिखे गए हैं।

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग अब 300 खाताधारकों पर मुकदमा चलाने का विचार कर रहा है। एसआईटी ने इस सूची के बारे में अपनी शुरुआती जांच की रिपोर्ट अगस्त में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। अगली रिपोर्ट दिसंबर तक कोर्ट को सौंपी जा सकती है। भारत को 627 नामों की सूची मिली है। सूत्रों ने बताया, ‘एसआईटी को मालूम चला है कि इस सूची में इसका कोई ब्योरा नहीं है कि ये खाते कब खोले गए। और इनमें कब-कब, कितना-कितना लेनदेन हुआ। ऐसे में इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में यह सबसे बड़ी बाधा है।’



सरकारको भी था अंदेशा

भारतीयोंके कई संदिग्ध विदेशी खातों में पैसा नहीं होने या काली कमाई निकाले जाने का अंदेशा सरकार को भी हो चुका है। पिछले रविवार ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, ‘मुझे नहीं पता विदेश में कितना कालाधन है’। जबकि चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने ही दावा किया था कि कालाधन आया तो हर गरीब की जेब में मुफ्त में 15-20 लाख रुपए होंगे।

1. मुकदमा शुरू होगा : सुप्रीमकोर्ट ने पिछली सुनवाई में एसआईटी से कहा था कि वह 31 मार्च 2015 तक इन मामलों की जांच पूरी करे। सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग 627 में से करीब 300 खाताधारकों के खिलाफ मुकदमे शुरू करने की तैयारी में है।

2.संधियों पर दोबारा बात : एसआईटीचाहती है कि भारत ने जिन 78 देशों के साथ टैक्स संधियां की हैं, उनसे दोबारा बात की जाए। ताकि विदेशों में कालाधन रखने वालों के ज्यादा नाम सामने सकें। मोदी सरकार ने एसआईटी से कहा है कि वित्त मंत्रालय 78 में से 75 देशों के साथ बातचीत शुरू भी कर चुका है।

3.4 दिसंबर तक अगली रिपोर्ट : एसआईटीने कहा है कि वह अपनी दूसरी जांच रिपोर्ट चार दिसंबर तक सुप्रीम कोर्ट में पेश कर देगी। इसमें अगस्त के बाद हुई जांच का विवरण होगा।

4.100 खाताधारकों पर लगेंगी हलकी धाराएं : कालाधनमामलों की जांच में सीबीडीटी ने नया तरीका निकाला था। कुछ खाताधारकों से कहा गया था कि वे खुद ही विदेशी बैंकों से संपर्क कर अपने खातों का ब्योरा हासिल करें और उसे सरकार को