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बोर्ड की सहमति से छात्राओं के साल बचने की उम्मीद

7 वर्ष पहले
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मामला दिग्ठान कन्या हाईस्कूल का, लापरवाह प्राचार्य पर विभाग ने नहीं की कोई कार्रवाई

भास्करसंवाददाता| दिग्ठान

माध्यमिकशिक्षा मंडल की सहमति से दिग्ठान कन्या हाईस्कूल की 10वीं की 27 छात्राओं का साल बिगड़ने से बचने की उम्मीद बंध गई है। बोर्ड आजाक एसी की अनुशंसा पर छात्राओं को स्वाध्यायी से नियमित करने पर राजी हो गया है। आजाक एसी ने अनुशंसा कर दी है, भोपाल से जल्द संशोधन हो सकता है। हालांकि मामले में घोर लापरवाही बरतने वाले प्राचार्य पर विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

दरअसल बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूल की 10वीं की 64 छात्राओं की प्रवेश सूची अगस्त तक ऑनलाइन अपलोड की जानी थी। स्कूल प्रबंधन ने सूची अपलोड करने का काम कियोस्क सेंटर के हवाले कर दिया। बाद में जाकर झांका भी नहीं कि काम ठीक से हुआ है या नहीं। पावती भी प्राप्त नहीं की। ऑनलाइन इंट्री कराने की अंतिम तारीख निकलने के बाद भी स्कूल प्रशासन तत्काल नहीं जागा। करीब डेढ़ महीने बाद परीक्षा फॉर्म के लिए इंट्री शुरू होने पर माध्यमिक शिक्षा मंडल और सहायक आयुक्त को सूचना दी कि प्रवेश सूची में 27 छात्राओं के नाम दर्ज नहीं हुए है। कोई हल नहीं निकलता देख आनन-फानन में छात्राओं की इंट्री नियमित की बजाय स्वाध्यायी के रूप में की गई। सबकुछ स्कूल और विभाग स्तर पर चलता रहा लेकिन जब पालकों को पता लगा कि छात्राओं को स्वाध्यायी करने से परीक्षा केंद्र दिग्ठान की बजाय धार रहेगा तो गुस्सा फूट पड़ा। पालक पिछले कुछ दिन से रोजाना स्कूल पहुंच हंगामा कर रहे थे। साल बिगड़ने के अंदेशा होने पर छात्राएं स्कूल में खूब रोई। मामला बढ़ता देख विभाग हरकत में आया। बोर्ड से मार्गदर्शन लिया गया, जहां से सहमति दी गई कि आजाक एसी अनुशंसा कर भेजे, छात्राओं के नाम नियमित के रूप में दर्ज कर लिए जाएंगे। सहमति मिलने पर बुधवार को आजाक एसी ने अनुशंसा कर दिया है। पत्र हस्ते वाहक बोर्ड को भेजा गया है। जल्द संशोधन हो सकता है।

समस्यासुलझ गई है

^समस्याका समाधान हो गया है। अनुशंसा कर पत्र भेज दिया है। जल्द संशोधन होकर छात्राओं के नाम नियमित के रूप में जुड़ जाएंगे। नीलेशरघुवंशी, सहायकआयुक्त आदिवासी विकास विभाग धार