केजरीवाल ने पानी के बिल माफ किए
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का दिल्ली में एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को वादों की झड़ी लगा दी। उन्होंने पिछले साल 30 नवंबर तक पानी के सभी लंबित बिल माफ कर दिए। यह राशि 2 हजार 854 करोड़ रुपए है। सरकार ने लेट फीस के तौर पर वसूली जाने वाली 923.27 करोड़ रुपए की राशि भी माफ कर दी।
केजरीवाल ने कहा, “हमने पानी के पेंडिंग बिलों में पाया कि ज्यादातर बगैर मीटर रीडिंग के एवरेज के आधार पर तैयार किए गए थे। इन्हें दुरुस्त करना असंभव था, लिहाजा इन्हें माफ कर दिया गया।’ केजरीवाल ने कहा कि पेंडिंग बिलों में ए और बी कैटेगरी के लिए 25 फीसदी, सी कैटेगरी के लिए 50 फीसदी और डी कैटेगरी के लिए 75 फीसदी राशि में छूट मिलेगी। इसके बाद की सभी कैटेगरी वाले बिलों में पूरी छूट दी जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि दिसंबर 2017 तक हर घर को वॉटर पाइप लाइन के जरिए बिल्कुल शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसे नल से लेकर सीधा पिया जा सकेगा।
बजट का 25% शिक्षा पर खर्च किया जाएगा
8000 नए क्लास रूम जुलाई तक तैयार हो जाएंगे
45 नई स्कूल बिल्डिंग भी बनाई जा रही हैं
दिल्ली के स्कूलों में कोटा एडमिशन की अनुमति नहीं होगी
वॉटर लीकेज की समस्या दूर की जाएगी
सालभर में 1000 मोहल्ला क्लीनिक बनेंगी
150 पॉली क्लीनिक भी बनाई जाएंगी
अपनी शासन व्यवस्था और अपने वादों को पूरा नहीं करने की नाकामी की तरफ से ध्यान हटाने के लिए आप सरकार केंद्र और अन्य एजेंसियों से टकराव कर दूसरों पर दोष मढ़ अपनी जिम्मेदारी से बचती रही।’- अजय माकन, अध्यक्ष, दिल्ली प्रदेश इकाई, कांग्रेस
केजरीवाल सरकार के कार्यकाल का एक साल राजधानी के इतिहास में काला वर्ष साबित हुआ है। दिल्ली वासियों ने ‘आप’ को राजनीति की दिशा और दशा बदलने के लिए ऐतिहासिक जीत दिलाई थी, लेकिन केजरीवाल सरकार ने जनता को धोखा दिया है।’ - सतीश उपाध्याय, अध्यक्ष, दिल्ली प्रदेश इकाई, भाजपा