पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • उपलब्धियों से कभी रिटायरमेंट नहीं होता

उपलब्धियों से कभी रिटायरमेंट नहीं होता

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
उनकी नौकरीको तीन दशक हुए थे कि कंपनी ने रिटायर कर दिया। कंपनी के भी अपने नियम होते हैं। उनकी उम्र तथाकथित रिटायरमेंट की हो गई थी। लेकिन 68 साल के पीटी राजशेखरन और 64 साल की उनकी प|ी सोफी राजशेखरन को यह बात अखर गई। दोनों ने बेंगलुरू में तब काम करना शुरू किया था जब शहर पर ‘टेक सिटी’ का टैग भी नहीं लगा था। फिर जैसे-जैसे यह शहर भारत की सिलिकन वैली बनता गया वैसे-वैसे इन दोनों ने भी खुद को टेक सेवी बना लिया।

दोनों विज्ञान के शिक्षक रहे थे। इसलिए बखूबी समझते थे कि छात्रों के लिए मेडिकल की अवधारणाएं समझने को तस्वीरें और टेक्स्ट काफी नहीं होते। शिक्षकों को भी छात्रों को समझाते समय इसी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। नौकरी के दौरान ही उन्हें लगा था कि फिल्म जैसा कोई टूल हो सकता है जो छात्रों को उन्हीं की भाषा में मेडिकल समझाए।

राजशेखरन जीव विज्ञान के शिक्षक थे और प्रकाशन कारोबार में लंबा समय बिताया था, इसलिए पूरे उत्साह से डीवीडी बनाई। रिटायरमेंट के बाद दोनों ने ठान लिया कि छात्रों और शिक्षकों की मदद करनी है। एनिमेशन को आवाज देकर टीचिंग टूल बनाए। आज उनकी डिजिटल पब्लिशिंग कंपनी है- ‘फोकस मीडिया’। 250 से ज्यादा 2डी और 3डी डिजाइन सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों को रोजगार दे रहे हैं। हालांकि यह उनका लक्ष्य नहीं था। उनका लक्ष्य था एजुकेशन के लिए एप्लिकेशन बनाना, जो दुनियाभर में छात्रों के लिए अवधारणाओं को समझना आसान बना सके। आखिरकार 2015 में उनके दो मेडिकल एप टॉप 10 में शुमार हो गए। इन्हें एक लाख एप्स में से चुना गया। इनका इस्तेमाल सिर्फ छात्र और प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि अमेरिका में डॉक्टर भी कर रहे हैं।

हाल में अमेरिका में ऑनलाइन इंटरैक्टिव हेल्थ सर्विस ‘हेल्थ टैप’ की ओर से ‘एपआरएक्स अवॉर्ड्स’ दिए गए। यह अवॉर्ड डॉक्टरों के वोट के आधार पर दिया जाता है। राजशेखरन के एप्स को 65,000 अमेरिकी डॉक्टरों ने वोट किया। उनके एप ‘जूनियर एनिमेटेड एटलस ऑफ ह्यूमन एनाटॉमी एंड फिलॉस्फी’ को छठे स्थान पर रखा गया। इसे अब दुनियाभर के डॉक्टर इस्तेमाल कर रहे हैं। वे इस एप की मदद से समझाते हैं कि मरीजों की समस्या क्या है और दवाइयों से वे कैसे ठीक हो सकते हैं। इस तरह डॉक्टर मरीजों का भरोसा भी जीत रहे हैं।

राजशेखरन का दूसरा एप ‘एनिमेटेड क्विक रेफरेंस डायबिटिक फूट’ 10वें नंबर पर रहा। यह डायबिटीज से पैरों में होने वाली दिक्कतों के हर कारण, असर, इलाज और रोकने के उपायों की पूरी जानकारी देता है। डॉक्टर डायबिटीज के मरीजों पर इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं।

हालांकि राजशेखरन दंपती का मकसद तो छात्रों और शिक्षकों की राह आसान बनाने के लिए सिर्फ टीचिंग एप बनाने का था, लेकिन आज उन्हें खुशी इस बात की है कि उनके एप सिर्फ भारत, बल्कि अमेरिका में भी मेडिकल प्रोफेशनल इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने 2010 में एप्स की दुनिया में कदम रखा था। संयोग से ‘जूनियर एनिमेटेड एटलस ऑफ ह्यूमन एनाटॉमी एंड फिलॉस्फी’ उसी साल बनाया कंपनी का पहला एप था। यह धीरे-धीरे एक डॉक्टर से दूसरे तक गया। पांच साल का सफर तय कर अमेरिका पहुंचा और अवॉर्ड ले आया।

फंडा यह है कि

यदिआपको अपने क्षेत्र का अच्छा ज्ञान है तो उपलब्धियों के लिए रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं होती। रिटायरमेंट सिर्फ काम से होता है। और रिटायरमेंट के नियम नियोक्ता (एम्पलॉयर) के लिए होते हैं, कर्मचारी के लिए नहीं।

raghu@dainikbhaskargroup.com