डॉक्टरों को एक सप्ताह नहीं मिलेगा अवकाश
जिलापंचायत सभाकक्ष में स्वाइन फ्लू को लेकर कार्यशाला रखी गई। बीमारी किस प्रकार फैलती है, कैसे बीमारी से बचा जा सकता है तथा बीमारी का क्या उपचार है, इनके बारे में बताया।
कलेक्टर जयश्री कियावत ने स्वाइन फ्लू के संबंध में सभी डॉक्टरों को सजग होकर कार्य करने तथा अगले एक सप्ताह तक किसी भी डॉक्टर या स्टाफ को अवकाश देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राइवेट डॉक्टरों से भी स्वाइन फ्लू के रोगियों के लिए उपचार की व्यवस्था के लिए आग्रह किया। निर्देश दिए जिला अस्पताल सहित सभी सी-मॉक बी-मॉक संस्थाओं में सर्दी-खांसी के लिए अलग से काउंटर बनाए जाएं। जांच की व्यवस्था करें। सभी संस्थाओं में आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए कहा। अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए मास्क अन्य व्यवस्थाओं के साथ ही रोगियों के उपचार के लिए टेमीफ्लू अन्य दवाइयों का स्टॉक रखने के लिए कहा। आशा उषा कार्यकर्ता को स्वाइन फ्लू के संबंध में प्रशिक्षण देने के लिए कहा। आयुष पद्धति से भी उपचार के लिए आयुष डॉक्टरों की मदद लेने के लिए कहा है। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. एसएस पंवार तथा डॉ. सुमित सिसौदिया ने बीमारी के कारण, संक्रमण के माध्यम, बचाव- सावधानियां उपचार, मरीजों की विभिन्न केटेगरी, आइसोलेटेड वार्ड में उपचार की व्यवस्था के संबंध में बताया। सीएमएचओ डॉ. वंदना खरे ने निजी डॉक्टरों सहित बीएमओ से स्वाइन फ्लू का रोगी पाया जाने पर सबसे पहले जिला अस्पताल के कॉल सेंटर अथवा उनके मोबाइल पर देने के लिए कहा। डॉ. नरेंद्र पवैया, डॉ. एलडीएस फूंकवाल ने भी स्वाइन फ्लू के बारे में बताया। अधिकारी डॉक्टर उपस्थित थे।
धार. जिला पंचायत सभागृह में कार्यशाला में अफसरों से चर्चा करती कलेक्टर।
स्वाइन फ्लू