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आचार संहिता के बाद शिक्षकों का होगा युक्तियुक्तकरण
शिक्षाका अधिकार अधिनियम (आरटीई) के प्रावधानों के विरुद्ध अपने पसंदीदा स्कूल में जमे शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की फाइल एक बार फिर खुलेगी। पंचायत चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद लगभग 100 शिक्षकों के आदेश जारी हो सकते हैं। ये वे शिक्षक हैं, जिन्होंने सरप्लस में होने के विरुद्ध अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिए थे। अभ्यावेदन की आपत्तियों का निराकरण कर आदेश जारी करने में इतना समय लगा दिया गया कि पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई। अब राज्य स्तर से फिर जिलाधिकारियों पर दबाव बढ़ा है।
गौरतलब है शिक्षण सत्र शुरुआत के बाद आदिवासी विकास विभाग ने जिलेभर के स्कूलों में आधिक्य में पदस्थ शिक्षकों की काउंसलिंग की थी। इन्हें जरूरतमंद शाला में पदस्थ करने के लिए पूरी प्रक्रिया हुई। नई स्कूल की पदस्थापना के आदेश भी जारी हुए। शिक्षक आसपास की शालाओं में ज्वाइन हुए लेकिन कई ने स्थानांतरण के विरुद्ध आपत्ति लगाते हुए अपने अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिए। अभ्यावेदन की सुनवाई कर निराकरण में लंबा समय लग जाने से ये शिक्षक अपने पुराने स्कूलों में ही पदस्थ हैं। इन्हें आचार संहिता के बाद जरूरत वाली शालाओं में ज्वाइन करने के आदेश जारी किए जा सकते हैं। इस बार विभागीय अफसरों के साथ जिला अफसर भी सख्त हैं। बताया जाता है जिला पंचायत सीईओ ने एक-एक स्कूल की वास्तविक दर्ज संख्या पदस्थ शिक्षक की जानकारी व्यक्तिगत रूप से देखने की बात कही है।
^आचारसंहिता के बाद प्रक्रिया शुरू करेंगे। आपत्ति लगाने वालों के आदेश तत्काल जारी किए जाएंगे। नए सरप्लस टीचर को भी शिक्षण सत्र की शुरुआत के पहले जरूरत वाली शाला में भेजेंगे।” नीलेशरघुवंशी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग धार