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ट्रामा सेंटर निर्माण में सरकारी धन के ‘दुरुपयोग’ की अनदेखी

6 वर्ष पहले
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4.28करोड़ रुपए के ट्रामा सेंटर निर्माण में सरकारी धन का जो दुरुपयोग इंदौर कमिश्नर संजय दुबे ने अपने निरीक्षण में पाया था, उसकी जांच स्थानीय अधिकारी दबा गए। जो गड़बड़ी कमिश्नर ने देखी और शासन को पत्र में अवगत कराई, उनका सुधार करवाने के लिए लीपापोती तो करवा दी गई लेकिन उन्होंने ही राशि का दुरुपयोग भी होना बताया था, जिस पर दो महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उलटा भवन विभाग को हैंडओवर कराने की तैयारी चल रही है।

गौरतलब है 4 दिसंबर को कमिश्नर धार आए थे, ट्रामा सेंटर निर्माण देख जमकर भड़के थे। निरीक्षण में देखी कमियों और गड़बड़ियों को लेकर उन्होंने 8 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग प्रमुख सचिव को पत्र लिखा। पांच बिंदु वाले इस पत्र में निर्माण में की गई गंभीर त्रुटियों का जिक्र किया गया। अंत में लिखा कि इस संबंध में तत्काल सुधार कराया जाना आवश्यक है, जिससे इस यूनिट के निर्माण में व्यय राशि का सदुपयोग हो सके। उन्होंने यह भी लिखा कि एपको और उनके द्वारा नियुक्त निर्माता एजेंसी पीआईयू (लोनिवि) द्वारा बिना पर्याप्त सावधानी और आवश्यकता के अनुरूप यूनिट को डिजाइन किया है। कमिश्नर ने शासन को लिखे पत्र की एक प्रति कलेक्टर सीएमएचओ को भी भेजी है। स्थानीय अधिकारियों ने कुछ त्रुटियों का सुधार मरम्मत कर करवा दिया है। लेकिन राशि के दुरुपयोग की जांच करवाने की कार्रवाई नहीं की गई।

ट्रामा सेंटर की दूसरी मंजिल पर कई प्रस्तावित वार्ड रूम नहीं बनाए गए हैं।