बंद हुए पशुपतिनाथ के ऑनलाइन दर्शन
अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन अब सिर्फ मंदिर में ही हो सकेंगे। वेब सिस्टम बंद होने से आॅनलाइन दर्शन व्यवस्था बंद हो गई है। मंदिर समिति और अनुबंधकर्ता के बीच अभी शर्तों को लेकर उलझन बनी हुई है।
सिटीरिपोर्टर | मंदसौर
पशुपतिनाथप्रतिमा के ऑनलाइन दर्शन व्यवस्था का अनुबंध एक साल में ही विवादों में घिर गया। अनुबंध की समय सीमा 30 नवंबर को समाप्त हो गई। मंदिर समिति और अनुबंधकर्ता कंपनी के बीच शर्तों के साथ ऑनलाइन दर्शन से मिले लाभ के आंकड़ों को लेकर यह स्थिति बनी। ऑनलाइन दर्शन की सालाना रिपोर्ट की फाइल कलेक्टर के पास विचारार्थ है। अंतिम निर्णय नहीं होने से बाबा के आॅनलाइन दर्शन बंद हो चुके हैं। ये कब तक चालू होंगे इसे लेकर मंदिर समिति कुछ कहने की स्थिति में नहीं है।
16 हजार हिट्स, दान कुछ नहीं मिला
रिपोर्ट के आधार पर जारी होगा नोटिस
(http://pashupatinathmandsaur.com) पशुपतिनाथ मंदसौर. कॉम के नाम से बनाई वेबसाइट खोलने पर सर्वर नाट अवेलेबल दिखाया जा रहा है। पशुपतिनाथ के ऑनलाइन दर्शन व्यवस्था और सिस्टम अपडेट करने पर मंदिर समिति ने सालभर में एक लाख रुपए खर्च किए। साल के दौरान साइट पर 16 हजार हिट्स ही हुई। ऑनलाइन डोनेशन की सुविधा में एक रुपए दान नहीं मिला। हिट्स करने वालों में 84 प्रतिशत भारत के और शेष अन्य देशों के थे। भारतीय व्यक्ति साइट पर औसतन एक से तीन मिनट तक रुके जबकि विदेशी 2 से 20 सेकंड तक। सर्च रिपोर्ट आने के बाद शुरू हुए विवाद में ऑनलाइन दर्शन वेबसाइट के लिए समिति ने कांटेक्ट का नवीनीकरण नहीं करवाया।
पशुपतिनाथ मंदिर समिति सहसचिव अनिल भट्ट ने बताया ऑनलाइन दर्शन अनुबंध में कंपनी ने रिपोर्ट दी है। तकनीकी समीक्षा करना है। रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। समीक्षा के बाद अनुबंध पर निर्णय होगा। अभी ऑनलाइन दर्शन बंद हो गए हैं। वेब ट्रैक कंपनी के श्रीकांत सोनी का कहना है अनुबंध के लिए वे नवंबर में ही तकनीकी और डाटा रिपोर्ट मंदिर समिति को दे चुके थे। नया एग्रीमेंट नहीं होने से 30 नवंबर से ऑनलाइन दर्शन बंद हैं।
अभी ऐसी नजर रही है वेबसाइट।