‘शाम को बासी खाना खिलाती है मेडम’
धारके अंग्रेजी माध्यम अजा कन्या छात्रावास में सात साल की मासूम प्रवीणा की मौत ने साथी छात्राओं का सब्र तोड़ दिया। उन्होंने बुधवार शाम को परिसर के मुख्य गेट पर ताला लगाकर हंगामा किया। तमाम अधिकारी पहुंचे, जिनसे छात्राएं बोलीं कि आपने 24 घंटे बाद भी छात्रावास अधीक्षिका रश्मि तिवारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। अधिकारियों ने करीब एक घंटे मनुहार की, इसके बाद छात्राओं ने गेट खोला। तीन अफसरों से तीन-तीन छात्राओं के लिखित बयान लिए। प्रवीणा के साथ कमरे में रहने वाली दूसरी कक्षा की छात्रा मनीषा चौहान ने बताया प्रवीणा को उल्टी हो रही थी, हमने मेडम का दरवाजा खटखटाया वो नहीं उठी। उसने बताया कई बार मेडम हमें सुबह का बासी खाना शाम को खिलाती थी। मनीषा अन्य छात्राओं ने बताया मेडम हमसे अपने बालों की जूं बिनवाती थी। शेष-पेज 4 पर
शीतलसे उनके कमरे में पोंछा लगवाती थी और कपड़े-बर्तन भी धुलवाती थी। (छात्रा शीतल को वायरल फीवर होने से जिला अस्पताल में मंगलवार रात भर्ती करवाया गया है।) पूर्व में अधीक्षिका कमला नेहरू छात्रावास की अधीक्षिका थी, वहां की छात्राओं ने भी बयान लिए गए हैं। जिन्होंने बताया कि हमारा नाम रजिस्टर में था, फिर भी मेडम मेस के नाम पर 750 रुपए महीना लेती थीं।
परिसर में छह अलग-अलग कन्या छात्रावास हैं, जिनकी सभी छात्राओं ने अपने बयानों में अधीक्षिका की करतूतें लिखवाई। छात्राओं के बयानों ने छात्रावासों में क्या चलता है, सारी हकीकत खोल कर रखी दी। रात 9 बजे सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, बीईओ, उत्कृष्ट विद्यालय के दो शिक्षक छात्राओं के बयान लिखते रहे।
‘बड़े साहब आते तो नई चादरें बिछा देती’
छात्राओं ने यह भी बताया कि जब भी कोई बड़े साहब आते तो अधीक्षिका चादरें बदलवा देती थीं। मम्मी-पापा के आने के पहले बोलतीं कि उन्हें कुछ बताया तो होस्टल से निकाल दूंगी।
स्लाइड में नेगेटिव, कीट में मलेरिया पॉजीटिव
बीमारी से जिस बालिका की मौत हुई उसका ब्लड सेंपल जिला अस्पताल में लिया गया था। इसकी रिपोर्ट में सामने आया है कि स्लाइड तो मलेरिया नेगेटिव आई लेकिन कीट में जो सेंपल लिया था, वह मलेरिया पॉजीटिव था। रिपोर्ट आने पर बुधवार को मलेरिया विभाग ने होस्टल में सर्वे कर १६ स्लाइड बनाई, जो नेगेटिव आई। सभी होस्टलों में मलेरिया रोधी दवा का छिड़काव किया गया। उधर, जिन चार बच