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एकेवीएन से सीएस और सीए बाहर, शोकॉज नोटिस भी दिए

7 वर्ष पहले
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औद्योगिककेंद्र विकास निगम (एकेवीएन) से कंपनी सेक्रेटरी राजीव बैस और कंपनी ऑडिटर महेश जाजू का सशर्त इस्तीफा हो गया है। एकेवीएन का कहना है दोनों की कार्यप्रणाली से एकेवीएन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आकलन किया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी इन्हीं की होगी। इस्तीफा इसी शर्त पर लिया गया है। एकेवीएन ने बैस, जाजू के साथ ही इंटरनल ऑडिटर हितेश मेहता को भी नोटिस जारी किए हैं। वहीं, बैस और जाजू एकेवीएन के आरोपों और सशर्त इस्तीफे की बात को गलत बता रहे हैं।

एकेवीएन बोर्ड ने इस कार्रवाई को उचित करार देते हुए मंजूरी भी दे दी है। एकेवीएन में बैस और जाजू दोनों की संविदा के आधार पर साल 2006-07 में नियुक्ति हुई थी। पद से हटने के दौरान उनका वेतन 80-80 हजार रुपए प्रतिमाह के करीब था। दोनों की जगह एकेवीएन ने अब सीए आशीष जैन, सीएस प्रतीक त्रिपाठी और कर सलाहकार मनोज मुंशी को नियुक्त किया है। इनकी नियुक्ति के बाद एकेवीएन इस साल 13 करोड़ टैक्स छूट लेने का दावा कर रहा है।

कई बार बताया

^एकेवीएनको बैस और जाजू ने काफी नुकसान पहुंचाया। कई बार पदाधिकारियों को बताया था। -गौतमकोठारी, अध्यक्षपीथमपुर औद्योगिक संगठन

सशर्त इस्तीफा हुआ

^दोनोंके इस्तीफे सशर्त मंजूर किए हैं। बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। बैस, जाजू मेहता को भी नोटिस दिया है। -मनीषसिंह, एमडीएकेवीएन

रिटर्न के लिए पहले ही बता दिया था

^आयकर दायित्व पर मैंने 2012 में सलाह दी थी, लेकिन क्रियान्वयन में देरी हुई। सारे आरोप गलत हैं। -महेशजाजू, सीए

मैंने पहले ही इस्तीफा दे दिया था

^तीनमाह का नोटिस देकर पहले ही इस्तीफा दे दिया था। मैंने सभी काम शासन के आदेश से किए। -राजीवबैस, सीएस

...और ये हैं दोनों के जवाब

ये हैं आरोप

बैस पर- बोर्डऑफ डायरेक्टर्स में होने वाले बदलाव को अपडेट नहीं किया। हुडको का लोन चुका देने के बाद भी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी (आरओसी) में अपडेट कर चार्ज रिमूव नहीं कराया। अब आरओसी से पेनल्टी लगेगी। ऑडिट आपत्तियों पर सही काम नहीं किया और बैलेंस शीट अपडेट नहीं की।

जाजूपर- आयकरविवरण पर ध्यान नहीं दिया। समय पर टैक्स रिटर्न नहीं कराए, जिसके चलते एकेवीएन टैक्स छूट के लिए दावे नहीं कर सका और उसे भारी नुकसान हुआ। बैलेंस शीट और सीएजी कमेंट पर ध्यान नहीं दिया।