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जोशी हत्याकांड में एनआईए एक्ट नहीं, देवास में ही सुनवाई

7 वर्ष पहले
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सुनीलजोशी हत्याकांड में एनआईए एक्ट की धाराएं नहीं लगी होने की वजह से भोपाल की स्पेशल कोर्ट से प्रकरण फिर देवास जिला न्यायालय को ट्रांसफर कर दिया गया है। अब पूरे प्रकरण की सुनवाई स्थानीय न्यायालय में ही होगी। हालांकि एनआईए ने जांच के बाद हत्याकांड में जो तीन अतिरिक्त आरोपी जोड़े हैं, उनके खिलाफ पूरक चालान कर दिया है। अब मप्र पुलिस के पांच एनआईए द्वारा बनाए गए तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या साजिश के आरोपों पर अगली सुनवाई 27 सितंबर को देवास में होगी। इसी दिन चार्ज तय हो सकते हैं।

लोक अभियोजक गिरीशकुमार मुंगी ने बताया एनआईए की जांच में जो तीन आरोपी बढ़े हैं उनमें से लोकेश शर्मा और राजेंद्र चौधरी अन्य मामलों में पंचकुला जेल में बंद है जबकि तीसरा आरोपी महू का जितेंद्र शर्मा जमानत पर है। शेष-पेज 5 पर



मप्रपुलिस की जांच में आरोपी पाई गई साध्वी प्रज्ञासिंह न्यायिक अभिरक्षा में भोपाल में इलाजरत हैं जबकि हर्षद अजमेर की जेल में बंद है। अन्य आरोपी वासुदेव परमार, रामचरण पटेल देवास और आनंदराज कटारिया नि. इंदौर जमानत पर हैं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान प्रज्ञासिंह और हर्षद दोनों कोर्ट के सामने पेश नहीं किए गए। इसका कारण बीमारी पुलिसबल का अभाव बताया गया। अन्य छह आरोपियों में हरियाणा पुलिस द्वारा लोकेश और राजेंद्र को कड़ी सुरक्षा में लाकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोहर ममतानी के समक्ष पेश किया। जमानत पर चल रहे अन्य चारों आरोपी कोर्ट में स्वयं पेश हुए। सभी आरोपियों की ओर से वकील पत्र प्रस्तुत किए गए।

लोकेश और राजेंद्र ने चलाई थी गोली!

लोक अभियोजक ने बताया मप्र उच्च न्यायालय के आदेश पर एनआईए कोर्ट का प्रकरण ट्रांसफर किया गया था लेकिन जांच में एनआईए एक्ट से जुड़ा प्रकरण नहीं बन रहा है। इसी के चलते मामला वापस देवास कोर्ट को ट्रांसफर किया गया है। बढ़ाए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ सुनवाई भी देवास में चलेगी। एनआईए की रिपोर्ट में हरियाणा की पंचकुला जेल से लाए गए आरोपी लोकेश और राजेंद्र ने ही सुनील जोशी को गोली मारी थी, ऐसा प्रारंभिक प्रतीत हो रहा है।