महाकाल को सोने का मुकुट, नागों की छाया
उज्जैन | ज्योतिर्लिंगमहाकाल मंदिर में शिवरात्रि महापर्व से पूर्व मनाए जा रहे शिवनवरात्रि उत्सव में मंगलवार को भगवान महाकाल ने सोने-चांदी के मुकुट, कानों में कुंडल और गले में नरमुंडों की माला धारण कर पांच मुंह वाले नाग की छाया में राजसी वैभव में भक्तों को दर्शन देकर अभिभूत किया। नवरात्रि के दूसरे दिन भी मंदिर में दर्शनार्थियों की सामान्य से अधिक भीड़ होने के कारण मंदिर प्रशासन को दोपहर में शृंगार के बाद गर्भगृह में प्रवेश बंद कर बाहर से दर्शन व्यवस्था करना पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने शाम 4 से रात 10.30 बजे शयन अारती तक नंदीहॉल के पीछे बेरिकेड्स से महाकाल की झांकी के दर्शन किए।
आजघटाटोप शृंगार में सजेंगे महाकाल : शिवनवरात्रि में महाकाल के नित-नए शृंगार होंगे। तीसरे दिन बुधवार को श्री महाकाल को पंडे-पुजारी घटाटोप का चांदी का मुघौटा धारण कराएंगे। पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया दिन के मुघौटे बदलते जाएंगे। इसके बाद होलकर आगे अन्य मुघौटे से महाकाल सजेंगे। शिवरात्रि पर 17 फरवरी को महाकाल मंदिर प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर के अंदर किसी भी संस्था को प्रसाद वितरण नहीं करने दिया जाएगा।
मंदिर के बाहर भी केवल वे ही लोग प्रसादी बांट सकेंगे, जिनके पास प्रशासन की लिखित अनुमति होगी। मंदिर समिति के प्रशासक जयंत जोशी के मुताबिक प्रसाद वितरण करने वाली समिति को कार्यालय में आवेदन कर अनुमति लेना होगी।