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भारत में इंग्लैंड की मास्टर डिग्री की मान्यता खतरे में
देश के दस सर्वश्रेष्ठ सरकारी स्कूलों में सात केंद्रीय विद्यालय
भारत सरकार इंग्लैंड की कुछ यूनिवर्सिटीज़ में संचालित एक साल के मास्टर डिग्री कोर्स को मान्यता देने पर फिर से विचार कर सकती है। इससे पहले मनमोहन सिंह सरकार ने इस कोर्स को मान्यता देने का भरोसा दिलाया था। इसके लिए यूजीसी द्वारा एक ब्रिज कोर्स शुरू करने की योजना थी, लेकिन नई सरकार ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज़ के दोहरे रवैये के चलते इसे मान्यता नहीं देने का मन बना रही है। दरअसल, कई ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज़ में भारतीय छात्रों को सीबीएसई के बारहवीं के सर्टिफिकेट के आधार पर सीधे प्रवेश नहीं दिया जाता। इसके लिए उन्हें अलग से एक कोर्स करना पड़ता है। भारत ने ब्रिटिश सरकार को इस बारे में अपनी चिंताएं बताई थीं, लेकिन हालात अब भी पहले जैसे हैं। दूसरी ओर, इंग्लैंड जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या भी पिछले दो-तीन सालों में लगातार कम हुई है। इसलिए एक साल के मास्टर कोर्स की मान्यता को लेकर ज्यादा दबाव भी नहीं है।
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