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नाबालिग ने कोर्ट से मांगी गर्भपात की इजाजत

7 वर्ष पहले
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उज्ज्वल शर्मा | अम्बाला (हरियाणा)

दुष्कर्मके कारण गर्भवती हुई नाबालिग लड़की ने कोर्ट से गर्भपात कराने की इजाजत मांगी है। उधर, दुष्कर्म के आरोपी ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि गर्भपात की मंजूरी दी जाए क्योंकि वह बच्चे को अपनाना चाहता है। कोर्ट ने इस संबंध में मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। उसके आधार पर ही नाबालिग लड़की के गर्भपात का फैसला सुनाया जाएगा। नाबालिग लड़की ने कहा कि उसकी शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह बच्चे को जन्म दे सके। उसे साढ़े तीन माह का गर्भ है। उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है। वह दुष्कर्मी को सबक सिखाना चाहती है। अगर बच्चा जन्म लेता है तो वह उसे पिता का नाम कैसे दे सकती है। घटना के मुताबिक करनाल के मथाना गांव का सुरजीत (21) नाबालिग को 4 अप्रैल को भगा ले गया था।





गांव साहा की पुलिस ने 6 अप्रैल को मामला दर्ज किया।

मप्र में कोर्ट सुना चुकी है पक्ष में फैसला

मध्यप्रदेशहाईकोर्ट ने 2013 में हलीमा वर्सेज स्टेट आॅफ एमपी की याचिका पर सुनवाई करते हुए गर्भपात करने की इजाजत दी थी। जज ने कहा था कि अगर दुष्कर्म की वजह से लड़की गर्भवती होती है तो उसे गर्भपात की इजाजत दी जाती है। उन्होंने कहा था कि बच्चे के जन्म के बाद नाबालिग में मानसिक समस्या जाती है।

लड़के का दावा- शादी की

सुरजीत ने नाबालिग से मोहाली के एक गुरुद्वारे में फर्जी दस्तावेज से लड़की की उम्र 18 साल बताकर आनंद कारज (फेरे) लिए थे। शादी के बाद सुरजीत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस सुरक्षा की मांग की। हाईकोर्ट के आदेश पर सुरक्षा भी दी गई। इसके बाद सुरजीत लड़की को अपने गांव ले गया। पुलिस ने यहां से लड़की को बरामद किया था। लड़की ने आरोप लगाया था कि सुरजीत ने 25 अप्रैल को उसके साथ मथाना गांव में दुष्कर्म किया। पुलिस ने सुरजीत तथा उसकी मां कमला, पिता ओमप्रकाश तथा नाबालिग लड़की की पड़ोसन आशा को गिरफ्तार किया।