मोबाइल ऐप के जरिए लाखों का कारोबार
जिलेके नौ गांव की महिलाएं मोबाइल ऐप के जरिए मल्टीनेशनल कंपनी हिंदुस्तान यूनी लीवर से जुड़कर हर साल लाखों का कारोबार कर रही है। वह बगैर पूंजी लगाए। ऐप के जरिए ब्रांडेड सामान का आर्डर वे सीधे कंपनी को करती हैं। मुंबई स्थित यह कंपनी उन्हें 25 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक के सामान की होम डिलेवरी कर देती है। थोक व्यापारी की तरह ये महिलाएं भी करीब 10-12 प्रतिशत मुनाफा रही हैं।
कंपनी ने गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2011 में यह पहल शुरू हुई थी। इसके तहत सुसनेर क्षेत्र के बामनियाखेडी़, भड़भूंजी, भदवासा, आकली, रामपुर, मुंडवास, झलारा, बड़गोन, सनावदा में शक्ति केंद्र योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया। कंपनी ने सभी गांव से एक-एक महिला को चुना और उन्हें रिटेल आउटलेट संचालित करने के लिए प्रेरित किया। महिलाएं भी समय के साथ कदम बढ़ाते हुए कंपनी से जुड़ीं। कंपनी ने ही उन्हें मुफ्त में मोबाइल दिया। डीपीआईपी आगर के जिला समन्वयक आरके तिवारी ने बताया कि मल्टीनेशनल कंपनी से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। ग्रामीणों को ब्रांडेड सामान भी रियायती दरों पर मिलने लगे हैं।
अपनी छोटी सी दुकान में व्यापार करतीं हैं कलाबाई।
ग्राम बामनियाखेड़ी में कंपनी का आउटलेट चलाने वाली कलाबाई पति करणसिंह की आर्थिक स्थिति अब बेहतर हो चुकी है। आउटलेट के माध्यम से कलाबाई प्रतिदिन 300-500 रुपए मुनाफा कमाती है। यही वजह है कि तीन साल पहले मजदूरी कर घर चलाने वाली कलाबाई अब पूरे परिवार का खर्च उठाती है। अपने बल पर एक घर भी खरीद लिया है। इसी प्रकार भड़भुंजी की गायत्रीबाई की भी क्षेत्र में एक बड़े व्यापारी के रूप में पहचान बनने लगी हैं। भदवासा निवासी ममताबाई सहित क्षेत्र के महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।