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सूदखोरों से उधार लेकर ठगों के खाते में डाले 62 हजार
बगड़ीके समीप आली का युवक बलराम परमार ठगों और सूदखोरों के चंगुल में एक साथ फंस गया। साढ़े चार लाख का लोन पाने के लिए 40 हजार रुपए सूदखोरों से उधार लिए। कुल 62 हजार रुपए लोन देने का लालच देने वाले मोबाइल कॉलरों द्वारा बताए तीन अलग-अलग खातों में डाल दिए। बलराम को लोन तो नहीं मिला। सूदखोरों को 40 हजार की सात दिन की उधारी के एवज में 53 हजार रुपए चुकाने के लिए बाइक बेचना पड़ी। धार के एक अन्य युवक नंदीश केलवा द्वारा पुलिस की मदद से ठगों का खाता होल्ड करवाने की खबर देख कर बलराम कोतवाली पहुंचा और आपबीती सुनाई। गुहार लगाई कि किसी तरह ठगों का खाता होल्ड कर दो।
बलराम ने बताया निजी अस्पताल में कंपाउंडर का काम करता है। 4-5 हजार रुपए वेतन मिलता है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में कॉल आया। नई दिल्ली की सुदीक्षा फायनेंसर कंपनी से साढ़े चार लाख रुपए का लोन दिलाने का प्रलोभन दिया। इसके लिए सरकारी नौकरी करने वाले ससुर की पे स्लिप आदि बुलवाई। स्टॉम्प पेपर बुलवाए। बलराम ने बताया पूरी प्रक्रिया ऐसी चल रही थी, जो लोन देने के पूर्व होती है। इसलिए लगा कि लोन मिल जाएगा। फिर कभी एडवोकेट, कभी बैंक मैनेजर की फीस के नाम पर रुपए बैंक खातों में डालने के लिए कहा। रुपए नहीं थे इसलिए धार के केदार नाम के युवक से 40 हजार रुपए उधार लिए। कुछ जमा पूंजी थी। सब मिलाकर 62500 रुपए तीन खातों में जमा किए। फिर 17 हजार रुपए मांगे तो ठगी का अहसास हुआ। बलराम ने बताया 40 हजार रुपए ब्याज सहित लौटाने के लिए केदार ने तीसरे दिन से ही तगादा शुरू कर दिया। 53 हजार रुपए मांगे। इसके लिए मुझे अपनी बाइक बेचना पड़ी। इसके बाद पुलिस की शरण ली। पुलिस ने पता किया है कि जिन खातों में बलराम ने रुपए जमा करवाए, उनमें से एक तो बताई गई कंपनी के नाम से और दूसरा किसी मो. यूसुफ के नाम से है। दोनों ही नई दिल्ली के बताए गए हैं। इनमें काफी रुपए जमा हैं। बलराम ने गुहार लगाई कि जिस तरह नंदीश वाले प्रकरण में ठगों का खाता होल्ड किया, इसी तरह पुलिस की अनुशंसा होगी तो खाता होल्ड हो जाएगा। इसके बाद ठगों को राशि निकालने धार आना पड़ेगा। टीआई अजीत तिवारी ने बताया मामले में अभी विवेचना चल रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
राजगढ़/संदला-सलवा | राजोदथाना क्षेत्र के सलवा की विकलांग महिला विष्णुबाई पति भागीरथ साढ़े चार लाख रुपए के इनाम के लालच में गई।