दो ऑपरेशन हो चुके हैं
दो ऑपरेशन हो चुके हैं
मासूमबालिका के जन्म के छह महीने के बाद ही उसकी मां की मौत हो गई। जब दो साल की हुई तो पिता का देहांत भी हो गया। बुआ अनिताबाई फूफा बल्लू अपने चार बच्चों के साथ उसे भी मजदूरी कर पाल रहे हैं। सरकारी अस्पताल के शल्य चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों ने पीड़िता को ठीक करने के लिए ऑपरेशन कर मल मूत्र द्वार को कमर की तरफ निकाल रखा है। जिससे गंदगी कभी भी बाहर जाती है। स्थिति यह है कि साढ़े तीन महीने से उपचार के लिए पीड़िता को हर गुरुवार-शुक्रवार को इंदौर एमवाय ले जाना पड़ता है। दो ऑपरेशन हो चुके हैं। डॉक्टर कह रहे हैं कि दो-तीन महीने में डेमेज पार्ट ठीक होने के बाद मल-मूत्र द्वार को ऑपरेशन कर ठीक करेंगे।
आंगनवाड़ी भी छूट गई
आरोपीराकेश को पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार कर लिया था और अब वह जेल में है। न्यायालय में मामले की पेशी चल रही है। वहां भी बच्ची को ऐसी दयनीय परिस्थिति में ले जाया जा रहा है। बच्ची घटना के पूर्व आंगनवाड़ी जाती थी लेकिन घटना के बाद से आंगनवाड़ी भी छूट गई।
आजही पूरी जानकारी जुटाता हूं
^मामलाबड़ा गंभीर है। हमें बच्ची की ऐसी स्थिति के बारे में जानकारी नहीं थी। प्रशासन बच्ची की हरसंभव मदद करेगा। आज ही मामले की पूरी जानकारी जुटाता हूं। श्रीकांतबनोठ, प्रभारी कलेक्टर धार