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तप बनाता है आत्मा को प्रकाशवान : रवींद्रसूरी

7 वर्ष पहले
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मासक्षमण तपस्वी के अनुमोदनार्थ समारोह

भास्करसंवाददाता | राजगढ़

बिनातप के संकल्प शक्ति प्रकट नहीं होती है। जीवन में छोटी -छोटी बातों का त्याग करें तो हमारा जीवन निर्मल बनता है। इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने के पश्चात मनुष्य के लिए कोई भी कार्य असंभव नहीं होता है। आत्मा को ताकतवर बनाना है तो हमें तप करना चाहिए।

यह बात सोमवार को तपस्वी अभिनंदन एवं अनुमोदना समारोह में आचार्य रवींद्रसूरीजी ने कही। उन्होंने कहा भगवान महावीर ने कहा था कि प्रात: काल से ही कोई संकल्प धारण कर उसका पालन करना चाहिए। जीवन में सबसे बड़ा तप नवकारसी है। तप में व्यसनों पर काबू रखकर हम इंद्रियों पर संयम रख सकते हैं। जीवन में हमेशा धैर्यवान रहना चाहिए। धैर्य ही जीवन में विकास का कारण बनता है। शीतल कोठारी द्वारा महामृत्युंजय तप मासक्षमण करके अपने कर्मों की निर्जरा की गई है यह अनुमोदनीय है। तप अभिनंदन समारोह में मुनि पीयूषचंद्रविजयजी, रजतचंद्रविजयजी सहित साध्वी मंडल ने भी निश्रा प्रदान की। जिनेंद्र भक्ति महोत्सव के समापन पर नगर में तपस्वी की शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से निकाली गई। समापन मोहन गार्डन पर हुआ। यहां तपस्वी शीतल कोठारी का त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ की ओर से अभिनंदन पत्र भेंटकर बहुमान किया गया। आजाद भंडारी ने भी संबोधित किया। संचालन महेंद्र जैन ने किया। आभार प्रकाशचंद्र कोठारी ने माना।

वरिष्ठों का सम्मान, शैलेष कामरेड अध्यक्ष

धार | सार्वजनिकगणेशोत्सव समिति आनंद चौपाटी की बैठक सिद्धनाथ मंदिर में हुई। संस्थापक हरचंद देवड़ा ने आगामी वर्ष के लिए शैलेष यादव (कामरेड) को अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा। हुकुमचंद्र कासलीवाल, हरीश रघुवंशी, कैलाश राठौड़ ने समर्थन किया। पूर्व एवं वर्तमान अध्यक्ष ने संस्था के वरिष्ठ लोगों का सम्मान किया। बैठक में शंकरलाल अग्रवाल (काका रबड़ीवाले), सुरेश गोयल, भरत सोनी, राजू गुरु, देव पांडे आदि उपस्थित थे। संचालन दिलीप दुबे ने किया।

अभिनंदन समारोह में उपस्थित महिला-पुरुष।