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फर्जी दस्तावेज से रजिस्ट्री करवाकर लोन लेने वाले दंपती का गिरफ्तारी वारंट
फर्जी दस्तावेजों से स्कीम 54 के प्लॉट की रजिस्ट्री करवाकर 20 लाख का लोन लेने के मामले में राज्य आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने दंपती सहित पांच आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया। कोर्ट ने आरोपी दंपती का गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
आरोपी हैं मोहन पिता कन्हैयालाल यादव व उसकी प|ी मोना यादव निवासी वीणा नगर, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मालवा मिल ब्रांच के पूर्व मुख्य प्रबंधक महेशचंद्र व्यास, पूर्व उपप्रबंधक राजकुमार एरन व बैंक के वकील यू.के. चौकसे। इन पांचों के खिलाफ ईओडब्ल्यू के डीएसपी आनंद यादव ने विशेष न्यायाधीश बलराज कुमार पालोदा के समक्ष चालान पेश किया। इन सभी को मंगलवार को कोर्ट में हाजिर होना था, लेकिन मुख्य आरोपी मोहन व मोना हाजिर नहीं हुए। विशेष लोक अभियोजक अश्लेष शर्मा ने कोर्ट को बताया कि दंपती ने स्कीम 54 के प्लॉट की फर्जी लीज डीड के आधार पर रजिस्ट्री करवाई, फिर नगर निगम से भवन बनाने का नक्शा पास करवा लिया। उसके बाद बैंक के तत्कालीन अफसरों के सहयोग से 20 लाख का लोन ले लिया। मंगलवार को चालान के समय उपस्थित बैंक के दोनों अफसरों व वकील को कोर्ट ने जमानत दे दी। बैंक शाखा के मुख्य प्रबंधक के. सुरेश ने 24 नवंबर 2004 को धोखाधड़ी की शिकायत की थी जिस पर ईओडब्ल्यू ने पांचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।