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स्नातक को ही नए विक्रय लाइसेंस देने का विरोध

5 वर्ष पहले
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खाद-बीज विक्रेताओं ने मंगलवार को सरकार के नए नियम को लेकर विरोध कर दिया। कलेक्टर कार्यालय में महिला एवं बाल विकास विभाग के विक्रांत दामले को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रय, भंडारण व वितरण के नए लाइसेंस के लिए आवेदक का कृषि स्नातक या विज्ञान के चुनिंदा विषयों में स्नातक होना अनिवार्य किया गया है। पुराने एवं अनुभवी व्यापारियों पर ऐसा नियम थाेपना व्यापार व रोजी रोटी के साथ खिलवाड़ है। व्यापारियों ने नियम वापस नहीं लेने की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी दी। इस दौरान संघ अध्यक्ष प्रेमनारायण सुगंधी, सचिव रमेश जोशी, कोषाध्यक्ष घनश्याम मोटवानी समेत बड़ी संख्या में विक्रेता मौजूद थे।

मनावर | तहसील के सभी कृषि आदान विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर मनावर अनुविभागीय अधिकारी को केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहनसिंग के नाम ज्ञापन दिया। मांग की गई कि पूर्व लायसेंसधारी व्यापारी, उर्वरक एवं किटनाशक संसोधन नियम 2015 के प्रावधान के अनुसार दो वर्ष के भीतर कृषि स्नातक, जैव रसायन कर्मचारी रखने या स्वयं स्नातक या डिप्लोमा लेने की अनिर्वायता को समाप्त किया जाए। इस नियम को समाप्त और इस पर पुनः विचार नहीं किए जाने पर सभी कृषि आदान विक्रेता अनिश्चितकालीन अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर ग्राम सिंघाना, गणपुर, बोरूद, टवालाई, उमरबन, मनावर, देदला, खंडलाई, जाटपुर, भानपुरा, गुलाटी आदि गांवों के विक्रेताओ ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।

धरमपुुरी | खाद, बीज और दवा व्यापारियों ने प्रदेश शासन की नई लायसेंस नीति का विरोध किया। रैली निकालकर तहसीलदार रघुनाथसिंह चौहान को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। व्यवसायी राजेंद्र चौहान, मनीष महाजन, अरुण गुप्ता आदि ने बताया कि प्रदेश सरकार ने नई नीति के अनुसार खाद, बीज, दवा की बिक्री के लिए अब बीएससी कृषि व्यवसाय के लिए अनिवार्य किया है लेकिन दशकों से कृषि जुड़े व्यापारियों ने नई नीति को कुठाराघात बताते हुए कहा कि एक ओर जहां शासन रोजगार देने की बात करती है। नई नीति लागू कर पुराने व्यापारियों का व्यवसाय छिनने पर आमादा नजर आ रही है।

धार. कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपते खाद-बीज विक्रेता।

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