ऐसा क्यों?
उम्र और बुद्धि में वृद्धि के लिए...
यज्ञोपवीतदेवताओं को अर्पण किया जाता है। देवी पूजन में इसका प्रयोग नहीं होता है। यह दो शब्दों से बना है। यज्ञ और उपवीत यज्ञ अर्थात शुभ और पवीत का मतलब सूत्र। इसे जनेउ भी कहते है। यज्ञोपवीत धारण करने से उम्र, ताकत, बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है। यज्ञोपवीत पवित्रता का प्रतीक है। इसे कान पर लपेटकर मलमूत्र का त्याग करने से कब्ज नहीं होती। कान के पास नस के दबने से यह एक्यूप्रेशर का कार्य करती है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, प्रमेह जैसे रोग नहीं होते।