रेल किराया बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं
लखनऊ | रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि रेल किराया बढ़ाने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। शनिवार को यहां एक कार्यक्रम में आए सिन्हा ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह बात कही। अगला रेल बजट 26 फरवरी को आने वाला है। रेल राज्य मंत्री ने उम्मीद जताई कि रेलवे में बड़ा निवेश होगा। उन्होंने कहा, समय-समय पर रेलवे के निजीकरण का सवाल उठता रहता है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि भले हमें निवेश की जरूरत है लेकिन रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि रेलवे के कई क्षेत्रों में एनडीए सरकार 100 फीसदी विदेशी निवेश की इजाजत दे चुकी है। सिन्हा ने कहा कि हाल के वर्षों में रेल यात्रियों की संख्या आठ गुना और माल ढुलाई सात गुना बढ़ी है। लेकिन रेलवे का बुनियादी ढांचा दोगुना ही हो सका है।
इस अंतर को चार-पांच सालों में कैसे कम किया जाए, हम इस पर काम कर रहे हैं।
कम भी नहीं होगा किराया---
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पिछले दिनों कहा था कि डीजल सस्ता होने के बावजूद अभी किराया नहीं घटेगा। उन्होंने कहा था कि रेल यात्रियों पर जितना खर्च होता है रेलवे उसका आधा ही लेती है। रेल यात्रियों को पहले ही काफी सब्सिडी मिल रही है। इस सेक्टर में डिमांड और सप्लाई में काफी अंतर है। इसे पूरा करने के लिए पूंजी चाहिए जिसकी कमी है। प्रभु यह भी कह चुके हैं कि वह जनता को खुश करने का नहीं बल्कि रेलवे की हालत सुधारने का रास्ता अपनाएंगे।
जून 2014 में बढ़ा था किराया---
यह 25 जून से लागू हुआ था। यात्री किराए में सभी श्रेणी में 14.2 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी। माल भाड़ा 6.5 फीसदी बढ़ा था। इससे सरकार को वित्त वर्ष में आठ हजार करोड़ रुपए ज्यादा आमदनी का अनुमान था।