अखंड पूजा...
अखंड पूजा...
ऐसा उत्साह और भीड़ इससे पहले कभी नहीं उमड़ी। इस बीच- प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा धार पहुंचे। अभूतपूर्व भीड़ की खबर से वे भी चिंता में दिखे। सर्किट हाउस के बंद कमरे में दो घंटे फिर भोज उत्सव समिति के संरक्षक विजयसिंह राठौर से चर्चा की। मौके से ही मिश्रा मुख्यमंत्री को पल-पल की अपडेट देते रहे। एक बजने से ठीक पहले सुलह की जो खबर आई उसने माहौल की गर्मी को छांट दिया। राठौर ने ऐलान किया कि 1 से 3 बजे के मध्य प्रशासन हमेशा नमाज के लिए भोजशाला खाली करवाता आया है लेकिन अब हम इसी वक़्त में भोजशाला में प्रवेश करेंगे। भोज उत्सव समिति के आह्वान पर शोभायात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं ने भोजशाला में प्रवेश कर पूजा अर्चना शुरू की, जो सूर्यास्त तक चलती रही।
जेएनयू में...
कार्यक्रम में पाकिस्तान, गुरु और 1984 में एक मर्डर केस में फांसी पर चढ़ाए गए मकबूल बट्ट के पक्ष में नारेबाजी हुई। कश्मीर को भारत से आजाद करने के नारे लगवाने वाले छात्रों को पहचानने के लिए कन्हैया से पूछताछ जरूरी है। कोर्ट को बताया गया कि पांच अन्य आरोपी उमर खालिद, अनंत प्रकाश, रमा नागा, आशुतोष और अनिर्बन फरार है। उनके ठिकाने भी कन्हैया बता सकता है। पुलिस कन्हैया से पूछताछ में उसके आतंकी संगठनों से लिंक तलाशने की भी कोशिश करेगी।
ऐसा लगता है कि इन्हें भारत में होने का दुख -मजिस्ट्रेट : कन्हैया ने कोर्ट में दावा किया कि न तो वह नारेबाजी में शामिल था, न ही आयोजक था। एबीवीपी छात्रों का आयोजकों से झगड़ा शुरू होने पर बीच-बचाव करने गया था। तब पुलिस ने दावा किया, ‘कन्हैया झूठ बोल रहा है। वह वीडियो फुटेज में है।’ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट लवलीन ने वीडियो फुटेज देखते हुए कहा, “”ऐसा लगता है कि इन छात्रों को भारत में होने का दुख है।’’ मजिस्ट्रेट ने कन्हैया को वीडियो में देखा। पुलिस ने जेएनयू के सुरक्षा गार्ड संदीप कुमार के हवाले से कहा कि कन्हैया भी नारे लगा रहा था।
राजद्रोह का आरोप भी है : जेएनयू के कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में भाजपा सांसद महेश गिरि और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी। इसके बाद वसंत कुंज (नॉर्थ) थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आईपीसी की धारा-124 ए (राजद्रोह) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप हैं।
इस बार भाजपा ने लगाया आपातकाल-लेफ्ट : जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी से लेफ्ट पार्टियां भड़क गई है। कोलकाता में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, “”क्या आपको पता है कि नारे किसने लगाए? जब आप नहीं जानते तो सभी छात्र नेताओं को गिरफ्तार क्यों कर रहे हो? पुरुष पुलिसकर्मी लड़कियों के हॉस्टल में छापे मार रहे हैं। ऐसा सिर्फ आपातकाल में देखा था। देश में फिर इमरजेंसी लग गई है। इस बार भाजपा ने लगाई है।’’ भाकपा के महासचिव एस. सुधाकर रेड्डी, राष्ट्रीय सचिव डी. राजा, माकपा पोलित ब्यूरो ने भी कन्हैया की गिरफ्तारी की निंदा की। साथ ही मोदी सरकार और आरएसएस को घेरा।
जेएनयू के छात्र, टीचर्स उतरे कन्हैया के समर्थन में
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी को लेकर कैम्पस में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन हुए। छात्रों और टीचर्स ने कुलपति के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों की तुलना आतंकियों से करने पर प्रशासन से दखल देने की मांग की। नवनियुक्त कुलपति जगदीश कुमार ने कहा, “जेएनयू कैम्पस में फ्री डिबेट हो सकती है। लेकिन इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों के लिए नहीं करने देंगे।’ यूनिवर्सिटी में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन के सचिव विक्रमादित्य ने कहा, ‘यह अनुशासनात्मक मुद्दा हो सकता है। लेकिन राजद्रोह नहीं। छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।’
उधर, एबीवीपी सदस्यों ने आरोपी छात्रों को जेएनयू से निकालने के लिए इंडिया गेट तक विरोध मार्च किया। पुलिस ने करीब 90 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें संसद भवन पुलिस थाने ले गए।