ठोसरे व चौरसिया पदाधिकारी नहीं
भारतीय कामगार संघ के राष्ट्रीय सचिव परणिकर ने ली प्रेसवार्ता
पीथमपुर | कुछ लोग श्रमिक संगठनों के नाम पर श्रमिकों व उद्योगपतियों को गुमराह कर रोटी सेक रहे हैं। इन्हीं लोगों में सुनील ठोसरे और बृहस्तपति चौरसिया भारतीय कामगार सेना व महासंघ के नाम से श्रमिकों को भ्रमित कर रहे हैं। ये लोगों अवैधानिक रूप से चंदा वसूली भी कर रहे है और दोनों संगठन में किसी पद पर नहीं हैं। यह बात भारतीय कामगार संघ के राष्ट्रीय सचिव दिलीप परणिकर ने एक प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने उद्योगपतियों व श्रमिकों से आग्रह किया है कि वे इन दोनों द्वारा संगठनों के नाम पर किसी को भ्रमित किया जाता है तो उसकी सूचना उन्हें मोबाइल पर दें। ये दोनों अपने आप को महू धार जिले का मीडिया प्रमुख बता रहे हैं। परणिकर का कहना है संगठन में किसी भी प्रकार की नियुक्ति एक वर्ष के लिए की जाती है। दोनों फिलहाल किसी पद पर नहीं हैं। इधर, ठोसरे और चौरसिया का कहना है जब हमारी नियुक्ति की गई थी तब हमें इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी गई कि हमें कितने साल के लिए नियुक्त किया गया है।