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इधर, साध्वी के बयान पर बवाल थमा राज्यसभा में कामकाज शुरू
\\\"गीता\\\' को राष्ट्रीय ग्रंथ बनाने की मांग एकता के लिए खतरनाक : कांग्रेस
नई दिल्ली | साध्वीनिरंजन ज्योति की विवादित टिप्पणी के मुद्दे पर राज्यसभा में एक सप्ताह से चल रहा गतिरोध खत्म हो गया है। सोमवार को तीन बार सदन स्थगित होने के बाद सभापति हामिद अंसारी ने एक प्रस्ताव पढ़ा। इसमें संसद के सदस्यों, मंत्रियों और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से सार्वजनिक बयानों में शिष्टता बरतने की बात कही गई है। इस पर बात बन गई और कामकाज शुरू हो गया।
सभापतिके प्रस्ताव पढ़ने पर बनी पक्ष-विपक्ष में सहमति
विपक्षपहले इस मामले पर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का इस्तीफा मांग रहा था। सरकार के इनकार के बाद उसने सदन में निंदा प्रस्ताव लाने की कोशिश की। सोमवार को भी सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के आनंद शर्मा ने यह मांग जारी रखी। उन्होंने इस पर मतदान का सुझाव भी दिया। संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसका विरोध किया। उपसभापति पीजे कुरियन ने भी मंजूरी नहीं दी। इससे नाराज कांग्रेस, सपा टीएमसी के सदस्यों ने नारेबाजी की। हंगामा थमते देख सभापति ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक की। फिर प्रश्नकाल के दौरान प्रस्ताव पढ़ा और गतिरोध समाप्त हो गया।
निरंजन की नुक्कड़ सभा की जगह बदली गई
इसबीच, भाजपा ने निरंजन ज्योति की दिल्ली में एक नुक्कड़ सभा की जगह बदल दी है। उसने पुलिस के निर्देश पर ऐसा किया। पहले यह सभा सोमवार को त्रिलोकपुरी के ब्लॉक-36 में होनी थी। इस इलाके में कुछ दिन पहले सांप्रदायिक तनाव हो गया था। इसे देखते हुए नुक्कड़ सभा की जगह ब्लॉक-34 कर दी गई।