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बगैर अनुमति दिया धरना तो ज्ञापन लेने नहीं गए अफसर
कांग्रेस ने त्रिमूर्ति चौराहे के बजाय मोहन टॉकिज चौराहे पर किया खाद को लेकर प्रदर्शन, अफसरों के नहीं आने पर कलेक्टोरेट पहुंच सड़क पर बैठे
भास्करसंवाददाता| धार
खादसमस्या को लेकर कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में जमकर ड्रामा हुआ। कांग्रेस ने मोहन टॉकिज चौराहे पर धरने की अनुमति मांगी थी, जबकि प्रशासन ने अभिव्यक्ति स्थल त्रिमूर्ति चौराहे पर निर्धारित होने से वहां धरना करने के लिए लिखा था। कांग्रेस मोहन टॉकिज पर ही धरना दिया। प्रदर्शन बगैर अनुमति किए जाने के चलते जिला प्रशासन का कोई अधिकारी मोहन टॉकिज चौराहे ज्ञापन लेने नहीं गया। इससे आक्रोशित कांग्रेसी कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां गेट से कलेक्टर कैबिन तक रैली निकाली और बाहर सड़क पर बैठ गए। कहा कि हमारे साथ यह बहुत बुरा सलूक किया गया। कांग्रेसी देर नारेबाजी करते रहे। सिटी मजिस्ट्रेट आरएस बालोदिया आए तो कह दिया अब हम कलेक्टर के चपरासी को ज्ञापन देंगे।
हालांकि कुछ देर बाद एसडीएम मनोज खत्री आए तो खरीखोटी सुनाकर अंतत: उन्हें ज्ञापन दे दिया।
ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा की वर्तमान सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है। सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण किसानों को भारी परेशानी और नुकसान हो रहा है। फसल के लिए यूरिया और डीएपी खाद की आवश्यकता होने पर किसानों को यूरिया आदि खाद नहीं दिया जा रहा है। खाद की कालाबाजारी खुलेआम हो रही है। कालाबाजारी करने वालों पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री मुजीब कुरैशी ने कहा प्रदेश सरकार 40 प्रतिशत खाद सोसायटी और 60 प्रतिशत निजी व्यापारियों को दे रही है। मुख्यमंत्री किसान नहीं, व्यापारी के बेटे लगते हैं। दलालों के पास खाद डेढ़ से ढाई सौ रुपए ज्यादा में किसानों को खरीदना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान जिपं अध्यक्ष मनोज गौतम, पूर्व विधायक प्रताप ग्रेवाल, पांचीलाल मेढ़ा, धीरज दीक्षित, गंगाराम जोशी, जगदीश बरखेड़ा, कमलकिशोर पाटीदार, ब्लॉक के शब्बीर भाई, रमेश पाटीदार, प्रकाश फौजदार, राजेंद्र मोदी, नपाध्यक्ष पीथमपुर जगन्नाथ वर्मा आदि उपस्थित थे।
खाद की समस्या के विरोध में कांग्रेस ने धरना देकर एडीएम को ज्ञापन सौपा।