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क्या आप भी मोदी की अमेरिका यात्रा पर ऐसी बातें कर रहे हैं?

7 वर्ष पहले
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‘इतने प्रधानमंत्रीअमेरिका गए, क्या किसी यात्रा पर इतना माहौल बना? मोदी ने सिद्ध कर दिया है कि उनकी बात ही कुछ अलग है। आप मान क्यों नहीं रहे? समझ क्यों नहीं पा रहे?’

यही शुरुआत थी। वही कॉफी हाउस। लोग अलग। ऊंचे से, सफेद शर्ट वाले, बैंक में ऊंचे ओहदे पर थे। उन्होंने ही यह प्रश्न उठाया था। प्रोफेसरकोइस पर कड़ी आपत्ति थी। ‘लाएंगे क्या देश के लिए - बस यह महत्वपूर्ण है। यह पता चलेगा तो ही लोग मानेंगे। वरना प्रधानमंत्री तो अमेरिका जाते ही हैं। शरद जोशी के व्यंग्य भूल गए क्या? वही - कि विदेशी प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति आते हैं। विमान की सीढ़ियों पर मुस्कराते हैं। हाथ उठाकर घोषणा कर देते हैं कि आपका देश कितना महान् है… बगैर देखे ही!

संपादकनेकड़े स्वर में टोका - प्रोफेसर साहब, वो व्यंग्य विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के हमारे यहां आने पर था। यहां बात हमारे प्रधानमंत्री की चल रही है। और, वह जमाना गया। गुज़र गया। आज की दुनिया में आइए। वकीलसा’ब मोदीके घोर विरोधी थे। उन्होंने तत्काल कहा: कुछ लाएंगे? ला पाएंगे? जनाब, मोदी जी मिल रहे हैं ओबामा से। दोनों सपनों के सौदागर हैं। बातों के बाजीगर हैं। एकदम एक जैसे।

45-47 साल की उम्र के, कुछ ज्यादा ही मीठा बोलने वाले बिजनेसमैन: आपसभी अपनी जगह सही हैं। लेकिन मोदी वहां कारोबार करने गए हैं। ‘बिज़नेस डिप्लोमेसी’ कहते हैं अखबार। खूब बिज़नेस लाएंगे। और क्या?

बैंकरनेबिज़नेसमैनकासाथ पाया तो प्रसन्न हुए। तत्काल बताया : मोदी एक जबर्दस्त प्रेजेन्टेशन देने वाले हैं वहां। अमेरिका के सबसे बड़े कॉर्पोरेट हेड्स को। बताएंगे कि कैसे उनकी सरकार ने 3 ट्रिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार कर रखा है। पावर, कोल, रोड, पोर्ट, टेलीकॉम - इन्फ्रास्ट्रक्चर में 10% ग्रोथ लानी है। मंत्रियों से कहा है कि ग्रोथ लानी ही है।

वकीलसा’ब कोजैसे मौका मिल गया। बोलते गए - मिनिस्टर्स और मीडिया - दोनों को मोदी ने कह रखा है - ना! मतलब दोनों को नो इम्पोर्टेन्स।

बिज़नेसमैन: वकीलसा’ब, बात अमेरिका दौरे को लेकर हो रही है…। संपादकनेकिन्तु तीखी प्रतिक्रिया दी : मीडिया को किसी से कोई इम्पोर्टेन्स चाहिए ही नहीं। मीडिया तो मिरर है। आपकी शक्ल दिखाता है। हो सके तो अपनी शक्ल सुधारिए, आइना मत तोड़िए। और किसने कहा मीडिया नहीं चाहिए मोदी को? अमेरिका जाने से एेन पहले सीएनएन को इंटरव्यू दिया। (…बीच