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तकनीकी जानकारों की गैरमौजूदगी में बना टंकी का पेंदा
सीएमओ ने की अनसुनी, इंजीनियर बंद कमरे की बैठक में व्यस्त
तकनीकीजानकारों की गैरमौजूदगी में हो रहे कांक्रीटीकरण को लेकर सीएमओ आधारसिंह से चर्चा की। वे इंदौर में थे। कहा मैं बाहर हूं, सूचना सुनने के निवेदन पर भी अनसुनी करते हुए कहा पंचोली (इंजीनियर नीलेश पंचोली) को बता दीजिए। पंचोली ने फोन रिसीव नहीं किया। वे इस दौरान बंद कमरे में जनप्रतिनिधियों ठेकेदारों के साथ बैठक में व्यस्त थे।
^इंजीनियरमटेरियल चेक कर सुपरवाइजर को निर्देश देकर चला जाता है। दूसरी जगह भी देखना होता है। जहां तक बात लिफ्ट की है, इससे काम मजदूरों की अपेक्षा सस्ता पड़ता है। स्टैंड की व्यवस्था नहीं होने से लिफ्ट नहीं लगाई। गुणवत्ता पर असर नहीं आएगा। आरकेपाटील, प्रोजेक्टइंचार्ज निर्माता कंपनी
पानी की टंकी निर्माण में मजदूरों ने 60 फीट की ऊंचाई तक क्रांकीट चढ़ाया।
भास्कर संवाददाता. धार
दिलावरा जलावर्धन योजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता निर्माता कंपनी के ही भरोसे छोड़ दी गई है। शनिवार को गांधी कॉलोनी स्थित टंकी के पेंदे के कांक्रीटीकरण का सबसे महत्वपूर्ण काम चल रहा था लेकिन कंपनी का ही नगरपालिका का इंजीनियर मौजूद था। मजदूरों सुपरवाइजर ने अपने हिसाब से कांक्रीटीकरण कर दिया। गुणवत्ता को लेकर सवाल इसलिए भी खड़े होते हैं कि निर्माता कंपनी खुद टंकी निर्माण नहीं कर रही। हर टंकी के लिए अलग-अलग स्थानीय ठेकेदारों को नियुक्त कर दिया है। हालत यह है कि टंकी के ऊपरी हिस्से तक कांक्रीट पहुंचाने के लिए इन स्थानीय ठेकेदारों के पास लिफ्ट तक नहीं है। शनिवार को भी एक-एक स्टेप पर मजदूर खड़े कर तगारी से कांक्रीट ऊपर तक पहुंचाई जा रही थी। तकनीकी जानकार बताते हैं कांक्रीट पहुंचने के बीच समय अधिक होने पर गुणवत्ता प्रभावित होती है।
गांधी कॉलोनी मैदान में बिना लिफ्ट के मजदूरों ने चढ़ाया कांक्रीट
लापरवाही