नमाज होने तक शोभायात्रियों को किया डायवर्ट
हिंदू संगठन पदाधिकारियों ने प्रतिबंधित समय में पूजन के लिए प्रवेश मिलने को अपनी जीत बताया, अफसरों का दावा शांति से नमाज हुई और पूजा भी
भास्कर संवाददाता | धार
वसंत पंचमी पर भोजशाला में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच टकराव की शंका-कुशंका के चलते देशभर की निगाहें धार पर टिकी थी लेकिन एक जगह पथराव की घटना छोड़ दी जाए तो आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण निपट गया।
सुबह से पूरा शहर बंद रहा। चाय-नाश्ते तक की दुकानें नहीं खुलीं। हर काेई लालबाग से निकली मां वाग्देवी की शोभायात्रा में शामिल होने घर से निकल रहा था। महिलाएं, बच्चे पलक-फावड़े बिछाए घर के बाहर शोभायात्रा के आने का इंतजार करती नजर आईं। कहीं तिलक लगाकर ताे कहीं स्वल्पाहार, कहीं पानी तो कहीं फूल से स्वागत किया गया। शाेभायात्रा में हजारों लोग जयघोष करते धूमधाम से निकले। डीजे पर हजारों युवा थिरके। महिलाएं-बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। शोभायात्रा माेहन टॉकिज चौराहा, धानमंडी, आनंद चौपाटी, राजबाड़ा होते हुए हाथीथान खूंट होते हुए भोजशाला पहुंचीं।
सुबह हिंदू नेताओं ने भोजशाला में जाने से रोका
भोज उत्सव समिति ने सुबह भोजशाला के बाहर मोतीबाग चौक में हवन शुरू करवाया। भोजशाला प्रवेश द्वार पर खड़े फोर्स के आगे हिंदू नेता खड़े हो गए और लोगों को भीतर जाने से रोका। उन्हें अखंड ज्योति मंदिर में पूजन-दर्शन करने व मोतीबाग चौक में चल रहे हवन में आहुति डालने भेजा। इस दौरान एक पुलिस अफसर ने हिंदू नेताओं को ऐसा करने से रोका तो विश्वास पांडे ने अफसर से जमकर बहस की। इसके बाद उन्हें नहीं रोका गया।
नाराजगी जताने निकले मुस्लिम समाजजन
चंद लोगों को ही नमाज कराने को लेकर मुस्लिम समाज ने भी नाराजगी जताई। मुरादपुरा, मोहन टाॅकिज चौराहा समेत अन्य क्षेत्रों में समाजजन सड़कों पर निकल आए। पुलिस ने समझाइश देकर उन्हें घरों की ओर लौटाया।
शोभायात्रा में शामिल झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही
गंजीखाना क्षेत्र में पथराव, आंसू गैस छोड़ी
शांति के बीच गंजीखाना क्षेत्र में सरस्वती शिशु मंदिर चौराहा से लाट मसजिद पहुंच मार्ग के बीच मेन रोड पर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया। इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। बलवाइयों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। आसपास से फोर्स आता देख उपद्रवी भागे। आईएएस नीरजसिंह के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने तत्काल मोर्चा संभाला। दो लोगों को हिरासत में लिया। पूरे इलाके में लोगों को घरों में भेज दिया गया। पेट्रोलिंग चलती रही। स्थिति हाथोंहाथ नियंत्रित कर ली गई।
घरों तक नहीं जा पा रहे लोगों ने दिखाया गुस्सा
भोजशाला परिसर के पास वाले मुख्य मार्ग पर गाछावाड़ी तिराहे का मानखिड़की वाला रास्ता और अन्य दो गलियां पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर पूरी तरह बंद कर दी। लोग घरों में कैद हो गए। जो लोग बाहर निकले थे, उन्हें घरों की तरफ जाने के लिए भी बैरिकेड्स नहीं खोले गए। इसके चलते लोगों ने पुलिस फोर्स से जमकर बहस की। बाद में बैरिकेड्स खोल स्थानीय लोगों को जाने दिया। इस क्षेत्र को नमाजियों की आवाजाही के मद्देनजर सील किया गया था।
2026 में शुक्रवार को आएगी पंचमी
अब अगली वसंत पंचमी 2026 में आएगी। पंचांगों के अनुसार 2026 में 23 जनवरी को वसंत पंचमी रहेगी। इस दिन शुक्रवार है। यानी शुक्रवार के दिन अगली वसंत पंचमी 2026 में आएगी।
बाहर पूजा से नाराज शंकराचार्य ने दो घंटे तक दिया धरना, प्रशासन ने उठाया
भोजशाला मुद्दे से लंबे समय से जुड़े काशी के सुमेरू पीठ के शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती बाहर पूजा से नाराजगी जताने के लिए प्रवेश द्वार के सामने सुबह 11.45 बजे सड़क पर बैठ गए। उनके साथ भक्त भी सड़क पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक उनका धरना चलता रहा। दोपहर 1.50 बजे कलेक्टर श्रीमन शुक्ला और टीआई अजीत तिवारी ने उन्हें समझाइश दी, जब नहीं माने तो सख्ती बरती। उन्हें और भक्तों को वहां से हटाया।
आदेशों का पूरा पालन किया
आदेशों का पालन किया गया है। दोनों पक्ष पूर्णत: संतुष्ट हैं। धार की जनता ने सौहार्द और सहिष्णुता की जो मिसाल पेश की है, वह ऐतिहासिक है। किस तरह से चीजों को बातचीत से हल किया जा सकता है, यह उसका आदर्श उदाहरण है। श्रीमन शुक्ला, कलेक्टर धार
जनता से सीधा संवाद रहा
स्थानीय पुलिस की कसावट व जनता से संवाद होने से लोगों ने सहयोग किया। बाहर के फोर्स को संयंम बरतने और किसी भी स्थिति में डंडे नहीं चलाने के निर्देश दिए थे। वरिष्ठ अफसरों के मार्गदर्शन से शांतिपूर्ण आयोजन हो सका। राजेश हिंगणकर, एसपी धार