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शोभायात्रा के समापन पर टिकी निगाहें

5 वर्ष पहले
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कलेक्टर की अपील : जूते-चप्पल पहनकर न आएं भोजशाला
भोजशाला में शुक्रवार की वसंत पंचमी आखिरकार आ गई। हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष के प्रतिनिधि एक दिन पूर्व तक तैयारियों को लेकर अपनी नाराजगी जताते रहे। पूजा व नमाज की कशमकश के बीच मां वाग्देवी की शोभायात्रा शुक्रवार को पारंपरिक रिवाजों के साथ निकलेगी। इसके लिए शहर को भगवा ध्वजों और बंदनवारों से सजा दिया है। सुबह 10 बजे लालबाग से शोभायात्रा की शुरुआत होगी। मां वाग्देवी का तेल चित्र लेकर श्रद्धालु बैंड-बाजों के साथ नारेबाजी करते, नाचते-गाते चलेंगे। शोभायात्रा मोहन टॉकिज चौराहा, धानमंडी चौराहा, आनंद चौपाटी, राजबाड़ा से हाथथान खूंट होते दोपहर 12 बजे भोजशाला पहुंचेगी। एएसआई के आदेश के मुताबिक सूर्योदय से 12 बजे तक ही पूजन का समय है। इसके बाद दोपहर 3.30 बजे से पूजन के लिए प्रवेश है। ऐसे में सबकी निगाहें शोभायात्रा के समापन पर टिक गई हैं।

कमिश्नर-एडीजी ने परखी तैयारियां

कमिश्नर संजय दुबे और एडीजी विपिन माहेश्वरी सुबह भोजशाला पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर श्रीमन शुक्ला, एसपी राजेश हिंगणकर समेत तमाम अफसरों के साथ भोजशाला परिसर में निरीक्षण कर तैयारियां परखी। न सिर्फ भीतर बल्कि अगले व पिछले हिस्से में दर्शनार्थियों और नमाजियों के प्रवेश व बाहर जाने के रास्तों पर भी इंतजाम देखे। आखिरी मौके तक दोनों अफसरों ने कई खामियां बताई, जिन्हें सुधारने के लिए दिनभर काम चलता रहा।

सरस्वती शिशु मार्ग पर भी टीन की दीवार बनाई
मालीवाड़ा, लकड़ीपीठा, विक्रम नगर आदि इलाकों में कई दिनों पूर्व से टीन की दीवार खड़ी कर दी गई थी। गुरुवार को सरस्वती शिशु मंदिर वाले मार्ग पर भी पतरे की दीवार बनाई गई।

सुरक्षा बंदोबस्त : बाहर से आया यह बल
(इन अफसरों में संभागायुक्त, धार कलेक्टर और जिले का अमला शामिल नहीं है)

4 आरएएफ

6 सीआरपीएफ

1 एसटीएफ

1 क्यूआरएएफ

7 एसएएफ

7 अन्य सशस्त्र बल

1 आईएएस

12 आईपीएस

25 एएसपी

85 डीएसपी

135 टीआई

600 एसआई

2200 पीटीएस जवान

250 बाउंसर

250 महिला बल

25 घुड़सवार

16 डिप्टी कलेक्टर

8 तहसीलदार

संवेदनशील गलियों से परिचित कराया

शहर की संवेदनशील गलियों में भी बड़ी तादाद में फोर्स तैनात रहेगा। गुरुवार को फोर्स को गलियों से परिचित कराया गया। एसपी स्तर के अधिकारियों को फोर्स की कमांड सौंपी गई है। वे भी गलियों में घूमते नजर आए।

शाम को अकेले पहुंचे कलेक्टर
कलेक्टर श्रीमन शुक्ला शाम को भोजशाला अकेले पहुंचे। उनके साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रशांत पाटनकर थे। कलेक्टर ने भोजशाला की छत पर लगे शामियाने का निरीक्षण किया। इसके बाद भोज कन्या उमावि की छत पर बनाए कंट्रोल रूम भी गए।

रिहर्सल में लोगों के मोबाइल रखवाए, चेकिंग की
गुरुवार सुबह पुलिस फोर्स, प्रशासनिक अफसर व कर्मियों से व्यवस्थाओं की पूरी रिहर्सल भोजशाला परिसर में करवाई गई। इस दौरान हूबहू उसी तरह से कार्रवाइयां की गईं, जैसी वसंत पंचमी पर करनी है। महिला पुलिस बल ने भ्रमण के लिए आईं महिलाओं के मोबाइल बाहर रखवा लिए। साइड गेट पर सिर्फ वीआईपी को जाने देने का डेमो किया गया। वाटर गन चलाई गई। ड्रोन कैमरों की तस्वीरों का भी सेंपल लिया। सभी अफसरों ने जैकेट, हेलमेट, लाठी आदि सभी संसाधन लेकर रिहर्सल में भाग लिया। भोजशाला के भीतर जो 600 के करीब फोर्स तैनात किया जाना है, उसकी भी रिहर्सल करवाई गई।

भोजशाला आने का दिया आमंत्रण
इससे पहले गुरुवार को नगर में एक बार फिर आमंत्रण यात्रा निकली। भोज उत्सव समिति और हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी हर मार्ग पर लोगों को भोजशाला आने का आह्वान करते हुए गुजरे। उधर, दिनभर बच्चों की टोली भी हाथों में भगवा ध्वज लेकर शहर में निकली। उनमें भी काफी जोश देखा गया।

अफसरों ने चंद घंटों पहले तक बंदोबस्त में निकाली खामियां
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पीर की दरगाह तक इस बार बड़ी संख्या में शस्त्रधारी जवानों को लगाया गया है। 2013 में यहां उपद्रवियों ने हमला कर दिया था। इसलिए इस बार एहतियात बरती है।

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